What is Open Ended Mutual Fund 2021 in Hindi | Open Ended fund Kya Hai

by Rahul Gupta
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What is Open Ended Mutual Fund 2021 in Hindi

What is Open Ended Mutual Fund 2021 in Hindi | Open Ended fund Kya Hai

म्यूचुअल फंड को उनकी संरचना के आधार पर तीन प्रकार में वर्गीकृत किया जा सकता है – ओपन-एंडेड (Open Ended Mutual Fund), क्लोज-एंडेड और इंटरवल फंड। इन तीनो में से ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय हैं। आज के आर्टिकल में हम ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड उनके विभिन्न लाभों के बारे में बात करेंगे।

Open Ended Mutual Fund क्या है?

What is open ended fund/Open ended fund kya hai? – Securities and Exchange Board of India (SEBI/सेबी) के अनुसार, एक open ended fund/ओपन एंडेड फंड या योजना वह है जो लगातार री-परचेस और सब्सक्रिप्शन/सदस्यता के लिए उपलब्ध हो। ओपन-एंडेड फंड की प्रमुख विशेषता इनकी लिक्विडिटी या तरलता है। इसके अलावा, इन फंडों की कोई निश्चित मेच्युरिटी अवधि नहीं होती है। निवेशक रोजाना घोषित किये जाने वाले नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) पर आसानी से यूनिट्स खरीद और बेच सकते हैं।

ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड वे फंड हैं जिनके लिए स्टॉक मार्केट मूवमेंट और बॉन्ड की कीमतों में बदलाव के आधार पर एनएवी रोजाना बदलता है। निवेशक किसी भी फंड को उसके नेट एसेट वैल्यू एनएवी पर खरीद सकते हैं। फंड का एनएवी या नेट एसेट वैल्यू फंड की उसमे मौजूद प्रतिभूतियों के प्रदर्शन पर निर्धारित होता है। निवेशक स्कीम के मौजूदा एनएवी पर फंड हाउस से यूनिट खरीद और रिडीम कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड सभी working days में खरीद और redeem के लिए उपलब्ध हैं।

आमतौर पर हर म्यूचुअल फंड को न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) के जरिए लॉन्च किया जाता है। इसलिए, यदि कोई निवेशक एनएफओ के लिए आवेदन करता है, तो फंड यूनिट्स को एनएफओ मूल्य पर आवंटित किया जाता है। हालांकि, एनएफओ समाप्त होने के बाद, म्यूचुअल फंड को ओपन एंडेड फंड के रूप में लॉन्च किया जाता है। यह निवेशकों को किसी भी समय फंड खरीदने (प्रवेश करने) और redeem (बाहर निकलने) करने की अनुमति देता है। दूसरी ओर, क्लोज एंडेड म्यूचुअल फंड निवेशकों को एनएफओ अवधि के बाद प्रवेश करने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं देते हैं। निवेशक को फंड की मैच्योरिटी अवधि तक रुकना होता है।

भारत और दुनिया भर में अधिकांश म्यूचुअल फंड ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं।

Open Ended Mutual Fund कैसे काम करते हैं?

How do open-ended mutual funds work? – किसी भी नए म्यूच्यूअल फंड को मार्किट में लॉन्च करने के लिए उसे NFO, new fund offer नए फंड ऑफर के जरिए बाजार में लॉन्च किया जाता है। ओपन-एंडेड फंड के मामले में, निवेशक एनएफओ के बंद होने के बाद किसी भी समय ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड की यूनिट खरीद या बेच सकता है। एनएफओ आमतौर पर अधिकतम 30 दिनों की अवधि के लिए खुला रहता है। इन फंडों में निवेश सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP/एसआईपी) और सिस्टेमेटिक विदड्राल प्लान व्यवस्थित निकासी योजनाओं (SWP/एसडब्ल्यूपी) के माध्यम से किया जा सकता है।

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड में, यूनिट्स को फंड की मांग पर उसके नेट एसेट वैल्यू (NAV) पर खरीदा और बेचा जाता है। बाजार में स्टॉक और बॉन्ड की कीमतों के आधार पर NAV में हर दिन उतार-चढ़ाव होता है।

जारी किए जा सकने वाले म्युचुअल फंड की इकाइयों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होती है। इन फंडों के लिए कोई निर्धारित मेच्युरिटी पीरियड/परिपक्वता अवधि भी नहीं होती है। एक बार जब कोई निवेशक किसी ओपन-एंडेड फंड की इकाइयों को redeem करता है, तो वह इकाइयां या यूनिट्स मार्किटसे हटा ली जाती हैं। हालांकि, ये भी ध्यान रखने योग्य है कि  यदि निवेशक 1 साल के अन्दर अपनी यूनिट्स/ इकाइयों  को बेच देता है तो उसे बेचीं हुई इकाइयों के लिए एक्जिट लोड का भुगतान करना पड़ता है।

फंड का प्रबंधन पेशेवर रूप से फंड मैनेजर द्वारा किया जाता है। यह योजना उन निवेशकों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जो सक्रिय रूप से अपने निवेश की निगरानी नहीं कर पाते हैं, और वो उससे एक अच्छा return प्राप्त करना चाहते हैं।

म्यूच्यूअल फंड सम्बंधित लेख पढ़े म्यूच्यूअल फंड सीरीज पर – म्यूच्यूअल फंड सीरीज
1. क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड क्या है?
2. म्यूच्यूअल फंड सिप क्या है, कैसे बने अमीर?
3. म्यूच्यूअल फंड NAV क्या है?
4. म्यूच्यूअल फंड में निवेश कैसे करे?

ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड के प्रकार

Types of open ended mutual fund – निम्नलिखित प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं जिन्हें उनकी संरचना, asset class/संपत्ति वर्ग, विशेषता आदि के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

परिसंपत्ति वर्ग के आधार पर म्यूचुअल फंड का वर्गीकरण funds

विभिन्न प्रकार के इक्विटी म्यूचुअल फंड निम्नलिखित हैं:

विभिन्न प्रकार के डेट म्यूचुअल फंड निम्नलिखित हैं:

  • ओवरनाइट फंड (Overnight fund)
  • लिक्विड फंड (Liquid fund)
  • अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड (Ultra short duration fund)
  • मुद्रा बाज़ार निधि (Money Market fund)
  • डायनेमिक बॉन्ड फंड (Dynamic Bond fund)
  • कॉर्पोरेट बांड फंड (Corporate Bond fund)
  • क्रेडिट रिस्क फंड
  • बैंकिंग और पीएसयू फंड
  • बैलेंस्ड फंड/हाइब्रिड फंड (Balanced fund/Hybrid fund)

म्यूचुअल फंड का वर्गीकरण उनकी विशेषता के आधार पर

  • इंडेक्स फंड (Index fund)
  • कमोडिटी फंड/हेज फंड (Commodity funds/Hedge funds)
  • सेवानिवृत्ति निधि (Retirement funds)
  • बाल कोष (Children funds)

Open Ended Mutual Fund में किसे निवेश करना चाहिए?

Who should invest in open ended funds? – ओपन एंडेड फंड भारत में म्यूचुअल फंड बाजार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए, अधिकांश निवेशक ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड में निवेश करते है। ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड में निवेश निवेशक के निवेश उद्देश्य पर निर्भर करता है। ये फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं जो फंड में लिक्विडिटी या तरलता चाहते हैं। जोखिम या रिस्क के आधार पर व्यक्ति अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता ला सकते हैं।

उपरोक्त के अलावा, निवेशकों को सेबी द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को भी पूरा करना जरूरी है। सेबी के अनुसार, म्यूचुअल फंड के निवेशक वे लोग हो सकते हैं जो –

  • 18 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय निवासी हो
  • अनिवासी भारतीय (एनआरआई)
  • विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO)
  • कंपनियां (सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों सहित)
  • कॉर्पोरेट निकाय
  • ट्रस्ट और सहकारी समितियां
  • धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट
  • निजी ट्रस्ट
  • SEBI/सेबी में पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs/एफआईआई)।
  • asset management company (एएमसी) द्वारा अनुमोदित/एप्रूव्ड अन्य व्यक्ति या संस्थान

Open Ended Mutual Fund में निवेश के फायदे

Advantages of investing in open ended funds – ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड में निवेश करने के निम्नलिखित लाभ हैं।

1.  लिक्विडिटी (Liquidity) – निवेशक अपनी आवश्यकता और सुविधा के आधार पर इस फंड से यूनिट को कभी भी रिडीम कर सकते हैं। अन्य लंबी अवधि के निवेशों की तुलना में, धन को रिडीम करने की फ्लेक्सिबिलिटी है। ओपन एंडेड स्कीम के फंड को मौजूदा नेट एसेट वैल्यू एनएवी पर redeem किया जाता है। यह निवेशक के पोर्टफोलियो में लिक्विडिटी/तरलता का एक आवश्यक घटक/कॉम्पोनेन्ट जोड़ता है।

2.  हिस्टोरिकल परफॉरमेंस/ऐतिहासिक प्रदर्शन की उपलब्धता (Availability of historical performance) – क्लोज एंडेड फंड के विपरीत, ओपन एंडेड फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखा जा सकता है। यह विभिन्न मार्किट साइकिल में फंड के पिछले प्रदर्शन की एक त्वरित झलक पेश करता है। पिछली प्रदर्शन रिपोर्ट में वार्षिक रिटर्न, पिछला रिटर्न, रोलिंग रिटर्न और कई डेटा अन्य शामिल होता हैं। इस प्रकार, यह एक निवेशक को एक बुद्धिमान निवेश निर्णय लेने में मदद करता है।

3. सिस्टेमेटिक/व्यवस्थित विकल्पों की उपलब्धता (Availability of Systematic options) – ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड निवेशकों को निवेश और निकासी करने के लिए सिस्टेमेटिक प्लान्स का उपयोग करते हैं। निवेशक अपनी आवश्यकता के आधार पर SIP, SWP और STP सेटअप कर सकते हैं। जैसा कि हम जानते है एसआईपी सेलरिड निवेशकों जिनके पास बड़ा एकमुश्त amount नही होता है  उनके लिए एक बहुत अच्छा विकल्प हैं। साथ ही, SIP के माध्यम से निवेश करने से निवेशक को समय के साथ एक बड़ा कोष बनाने में मदद मिलती है। अगर यह इस सुविधा की हम, क्लोज एंडेड फंडों से तुलना करे तो उसमे SIP/SWP/STP जैसी कोई व्यवस्था नही है।

4. पोर्टफोलियो विविधीकरण/डायवर्सिफिकेशन (Portfolio Diversification) –भारत में ओपन एंडेड फंडों की सूची में बहुत सरे funds उपलब्ध है। इनमे डेब्ट, इक्विटी, इंडेक्स फंड, ईटीएफ फंड आदि शामिल हैं। यह निवेशकों को उनकी वित्तीय योजना और निवेश उद्देश्य के आधार पर एक विविध पोर्टफोलियो बनाने में मदद करते है। और जैसा कि हम जानते है पोर्टफोलियो में विविधता लाने से जोखिम की संभावना कम हो जाती है।

5. व्यावसायिक प्रबंधन (Professional Management) – एक फंड मैनेजर सक्रिय रूप से हर म्यूचुअल फंड का प्रबंधन करता है। इन फंड मैनेजरों के पास निवेशकों के लिए सही निवेश निर्णय लेने के लिए विशेषज्ञता, अनुभव, ज्ञान और संसाधन हैं। इससे निवेशकों को बाजार में एक्सपोजर के लिए जरूरी मार्गदर्शन में प्राप्त होता है।

6.  रिटर्न (Returns) – अगर इन फंड्स को दुसरे फंड से तुलना करे तो, ये फंड पर्याप्त रिटर्न और पूंजी वृद्धि प्रदान करने में मदद करते हैं। यह निवेशकों के लिए उनके निवेश योजना उद्देश्यों (investment planning objectives) के आधार पर उनकी लॉन्ग टर्म और शोर्ट टर्म वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक उपयुक्त विकल्प है।

7. पारदर्शिता (Transparency) – ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड शेयर बाजार में व्यापार नहीं करते हैं। खरीद और बिक्री सीधे फंड कंपनी से होती है। इसलिए, इसमें कोई मध्यस्थ (mediators) शामिल नहीं है। निवेशकों को म्यूचुअल फंड में अपने निवेश पोर्टफोलियो के बारे में पूरी पारदर्शिता है।

Open Ended Mutual Fund में निवेश की सीमाएं

Limitations of investing in open ended funds – ओपन एंडेड फंड में निवेश की सीमाएं निम्नलिखित हैं।

1.  स्थिरता (Volatility) – भले ही एक फंड मैनेजर सक्रिय रूप से ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड का प्रबंधन करते है, फिर भी वे बाजार जोखिम मार्किट रिस्क का सामना करते हैं। फंड का NAV (शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य) इसकी अंतर्निहित प्रतिभूतियों के आधार पर रोज के हिसाब से ऊपर नीचे होता है। हालांकि, फंड मैनेजर निवेश में विविधता लाकर अस्थिरता को नियंत्रित करने का प्रयास करता है। इसलिए, ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिम और अत्यधिक अस्थिर होते हैं।

2. रिस्क/जोखिम (Risk Involved) – कभी-कभी, म्यूचुअल फंड द्वारा दी जाने वाली लिक्विडिटी/तरलता भी एक नुकसान दे सकती है। निवेशक किसी भी समय इकाइयों को खरीद और बेच सकते हैं जिससे उन्हें रिस्क/जोखिम झेलनी पड़ सकती हैं।

जैसा कि हम जानते है अधिकांश फंड में कोई लॉक-इन अवधि नहीं है, इसलिए निवेशक अच्छा रिटर्न मिलने पर फंड को redeem करना चाहते हैं। इसके अलावा, कुछ निवेशक बुल मार्केट (जब मार्किट अच्छा होता है) में अधिक निवेश करने के लिए लालाहित रहते हैं और अस्थिरता के दौरान इकाइयों को redeem करना चाहते हैं।

3. एक्जिट लोड (Exit Load) – ज्यादातर ओपन एंडेड फंडों में एग्जिट लोड होता है। आमतौर पर एक साल के भीतर फंड से बाहर निकलने पर या redeem करने पर कुछ शुल्क लगता हैं। जिसके कारण आपका इस फंड से अर्जित return कुछ कम हो जाता है। व्यक्तिगत निवेशकों individual investors पर capital gain टैक्स भी लगता है।

4 .कैश रिजर्व (Cash Reserve) – कैश रिजर्व बनाए रखने का प्रमुख कारण यह है कि अगर बड़े पैमाने पर redeem के मामले आ जाये तो भी फंड मैनेजर तुरंत प्रतिभूतियों को नहीं बेच सकता है। इसलिए, redeem अनुरोधों को पूरा करने के लिए फंड मैनेजर को एक उच्च नकद आरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

Open Ended Mutual Fund के टैक्स या कर लाभ

Tax Benefits of Open Ended Funds – ओपन-एंडेड फंड पर टैक्स ट्रीटमेंट इस बात पर निर्भर करता है कि यह इक्विटी है या डेट ओरिएंटेड फंड।

फंड का प्रकार
Type of fund
विवरण शोर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स
Short-term capital gains tax (STCG)
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स
Long-term capital gains tax (LTCG)
इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम फंड  रखने की अवधि
Holding period
1 साल तक 1 साल से ज्यादा समय के लिए
टैक्स रेट 15% 10%*
डेट ओरिएंटेड स्कीम फंड  रखने की  अवधि
Holding period
3 साल तक के लिए 3 साल से ज्यादा समय के लिए
टैक्स रेट निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार इंडेक्सेशन के बाद 20%

*इक्विटी फंडों पर एलटीसीजी को 1 लाख रुपये प्रति वर्ष तक कर से छूट प्राप्त है।

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड निवेशकों को कर लाभ भी प्रदान करते हैं। ईएलएसएस म्यूचुअल फंड जो की एक प्रकार की ओपन-एंडेड म्यूचुअल स्कीम ही है, उसमे निवेश की गई राशि पर 1.5 लाख रुपये तक की कर कटौती के लिए पात्र हैं। इस प्रकार एक निवेशक ईएलएसएस फंड में निवेश करके प्रति वर्ष रुपये 46,800 तक बचा सकता है।, बशर्ते कि वे 30% टैक्स ब्रैकेट के अंतर्गत आते हैं।

Open Ended Mutual Fund में निवेश कैसे करें?

How to invest in open-ended funds? – ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड आपको एकमुश्त, एसआईपी, एसटीपी या एसडब्ल्यूपी विधियों के माध्यम से निवेश करने की अनुमति देते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि ओपन-एंडेड फंड कैसे खरीदें, तो इन सरल चरणों का पालन करें:

  1. एसेट मैनेजमेंट कंपनी के साथ म्यूचुअल फंड अकाउंट बनाएं
  2. अगर आपने पहले से केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं तो उसे पूरा करे
  3. आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक details इनपुट करें
  4. अपने व्यक्तिगत और वित्तीय लक्ष्यों, रिस्क/जोखिम और निवेश क्षितिज के आधार पर फंड की पहचान करें जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं
  5. उपयुक्त ओपन-एंडेड फंड चुनें जो आपकी आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त हो और निवेश की विधि चुनें, यानी एकमुश्त, एसआईपी, आदि।
  6. यदि आप एसआईपी मोड के माध्यम से निवेश करना चाहते हैं तो आप अपने बैंक को स्थायी निर्देश (standing instructions) देने के लिए फॉर्म दे।

ओपन-एंडेड फंड उन लोगों के लिए एक उपयोगी निवेश विकल्प हो सकता है, जिन्हें बाजार की न्यूनतम या कोई जानकारी नहीं है। अपने पोर्टफोलियो के लिए सही फंड चुनने से पहले हमेशा किसी पेशेवर की सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

FAQs

क्या ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आवधिक निवेश योजना (periodic investment plan) चुनना संभव है?

हाँ। सभी ओपन-एंडेड फंड निवेशकों को निवेश करते समय एक आवधिक निवेश योजना चुनने की अनुमति देते हैं। निवेश के एसआईपी मोड का विकल्प निवेशक को नियमित अंतराल पर छोटी मात्रा में निवेश करने की अनुमति देता है।

कौन सा बेहतर है: ओपन-एंडेड या क्लोज-एंडेड म्यूचुअल फंड?

ओपन-एंडेड फंड निवेशक को क्लोज-एंडेड फंड के विपरीत कभी भी फंड में प्रवेश करने और बाहर निकलने की अनुमति देते हैं, जहां निवेश की अवधि तय होती है। ओपन-एंडेड फंड एसआईपी और एसडब्ल्यूपी के माध्यम से लेनदेन की सुविधा भी देते हैं, जिसकी क्लोज-एंडेड फंड के मामले में अनुमति नहीं है।

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड कैसे redeem करें?

ओपन-एंडेड फंड आपको अपनी पसंद के किसी भी समय अपनी फंड इकाइयों को redeem करने की अनुमति देते हैं। आपके फंड यूनिट के मूल्य की गणना redeem के लिए आवेदन के दिन के अनुसार की जाएगी।

ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड में कौन निवेश कर सकता है?

ओपन एंडेड फंड म्यूचुअल फंड बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। इसलिए, खुदरा निवेशकों सहित अधिकांश निवेशक ओपन एंडेड फंडों में भाग ले कर निवेश करते हैं।

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