What is Initial Public Offering (IPO) 2021 in Hindi | IPO Kya Hai?

by Rahul Gupta
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What is Initial Public Offering IPO 2021 Hindi IPO Kya Hai

What is Initial Public Offering (IPO) 2021 in Hindi | IPO Kya Hai?

Initial Public Offering (IPO) 2021 in Hindi – IPO क्या है? IPO में कैसे निवेश करें? IPO के फायदे और प्रक्रिया। What is IPO? How to buy an IPO? Process and benefits of IPO – दोस्तों यदि आप शेयर बाजार में रुचि रखते हैं तो आपने IPO के बारे में जरूर सुना होगा। आजकल अखबारों में अक्सर किसी भी कंपनी के IPO ऑफर संबंधी जानकारी मिलती रहती है। दोस्तों यदि आप यह जानना चाहते हैं कि IPO क्या होता है और उसका क्या मतलब होता है और आप IPO में निवेश करके कैसे पैसा कमा सकते हैं तो बिल्कुल सही जगह पर हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपकी इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं।

IPO फुल फॉर्म

Full form of IPO – IPO की फुल फॉर्म है Initial Public Offering

IPO क्या है?

What is Initial Public Offering/IPO Kya Hai –  जैसा की बताया आईपीओ का मतलब है Initial Public Offering. जब कोई भी कंपनी बनती है तो प्राय: वह एक प्राइवेट कंपनी कहलाती हैं। यदि यह कंपनी किसी भी कारणवश प्राइवेट से पब्लिक कंपनी में परिवर्तित होना चाहती है तो ऐसे में वह कंपनी लोगों में अपने शेयरों को जारी कर देती है। इससे पहले कंपनी के सभी शेयर कुछ सीमित लोगों के पास ही होते है। परंतु IPO जारी करते ही वह शेयर्स लोगों के लिए जारी कर दिए जाते हैं। किसी भी कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले प्रारंभिक इन्हीं शेयरों को IPO द्वारा लागू किया जाता है।

कंपनी IPO क्यों जारी करती हैं?

Why do companies issue IPOs – किसी भी कंपनी के IPO जारी करने के कई कारण सकते हैं यानी कि किसी भी कंपनी के एक प्राइवेट कंपनी से पब्लिक कंपनी में जाने के बहुत से कारण हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में कंपनियां अपनी कंपनी में निवेश प्राप्ति के लिए अपनी कंपनी को एक पब्लिक कंपनी में परिवर्तित करके IPO जारी करती है। यह किसी भी कंपनी के लिए अपनी कंपनी के लिए निवेश प्राप्त करने का सबसे बेहतरीन तरीका होता है।

कंपनी IPO कैसे जारी करती है?

How does a company issue an IPO? – किसी भी कंपनी के लिए अपनी IPO को जारी करने के लिए उसका शेयर बाजार में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना आवश्यक होता है। भारत में मुख्य रूप से दो स्टॉक एक्सचेंज है: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)। इन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने के बाद कोई भी कंपनी अपनी IPO को जारी कर सकती है।

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IPO के कौनकौन से प्रकार है?

Types of IPOs – यदि आप शेयर मार्केट में एक नए निवेशक है तो IPO की श्रेणियों को जानना आपके लिए आवश्यक हो जाता है। कंपनी द्वारा जारी की जाने वाले IPO मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

1: फिक्स्ड प्राइस ऑफरिंग/Fixed Price Offering – जैसा कि नाम से ही समझ आता है कि फिक्स्ड प्राइस ऑफरिंग में कंपनी पहले ही अपने IPO के मूल्य को निश्चित कर देती है। यदि आप इस IPO को लेना चाहते हैं तो आपको पहले ही उस कंपनी के शेयरों को एक निश्चित मूल्य पर खरीदने पड़ते हैं।

2: बुक बिलिंडिंग ऑफरिंग/Book Building Offering – इस प्रकार की IPO में कंपनियां अपने शेयरों को 20% बैंड मूल्य पर जारी करती है। जिसके बाद इच्छुक निवेशक बोली लगाना शुरू करते हैं। सबसे कम स्तर की मूल्य बैंड को Low-Price कहा जाता है और सबसे उच्च स्तर के मूल्य बहन को Cap-Price कहा जाता है। इसके बाद निवेशक शेयरों की संख्या और मूल्य पर बोली लगाते हैं। इस प्रक्रिया के द्वारा कोई भी कंपनी को यह जानने में सहायता मिलती है कि निवेशक उस कंपनी में कितना पैसा लगाने के इच्छुक हैं। इसी के बाद कंपनी अपना अंतिम मूल्य निश्चित करती है।

जानिये zomato के आईपीओ के बारे में

क्या IPO में निवेश करना चाहिए?

Should you invest in IPO – किसी भी कंपनी के IPO को लेना है ना लेना किसी भी निवेशक की इच्छा पर निर्भर करता है। किसी भी कंपनी के IPO लेने से पहले इससे संबंधित जोखिमों और से होने वाले लाभ को जानना जरूरी हो जाता है। सही IPO को चुनने से आपको बहुत ज्यादा लाभ भी हो सकता है लेकिन गलत IPO को चुनने से आपको काफी बड़ा नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

आप पढ़ रहे है – What is Initial Public Offering (IPO) 2021 in Hindi

IPO में निवेश करने के क्या फायदे हैं?

Advantages of IPO/IPO ke Fayde – जब भी आप किसी कंपनी का IPO खरीदते हैं तो उसमें आप को बहुत अधिक लाभ होने की क्षमता रहती है। क्योंकि बहुत बार ऐसा होता है कि कोई भी कंपनी जब अपना IPO जारी करती है तो उसके आने वाले कुछ हफ्तों में ही कंपनी के शेयरों का मूल्य कई गुना तक बढ़ जाता है और ऐसे में निवेशकों को बहुत अधिक फायदा होता है। और साथ ही साथ कोई भी कंपनी अपना IPO तभी निकालती है जब उस कंपनी के उद्देश्य लाभ कमाना होता है ऐसे में IPO खरीदना एक सही निर्णय हो सकता है।

लेकिन IPO खरीदने के साथ काफी नुकसान भी हो सकते हैं। नई कंपनियां में IPO में निवेश करना जोखिम भरा कार्य हो सकता है क्योंकि यह कंपनियां भी बाजार में पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हुई होती है। ऐसा बहुत बार होता है कि कोई भी कंपनी अपना IPO निकाल देती है और कुछ समय बाद उनके शेयरों का मूल्य काफी गिर जाता है जिसकी वजह से इसमें नुकसान होने का काफी जोखिम रहता है। और साथ ही साथ किसी भी कंपनी की कोई ऐतिहासिक जानकारी ना होना भी IPO में निवेश करने का नुकसान हो सकता है।

IPO  में निवेश करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें:

Things to keep in mind before investing in an IPO – आईपीओ में निवेश के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए –

1. लॉकअप पीरियड (Lockup Period) – जब भी कोई निवेशक किसी कंपनी का IPO खरीदता है तो वह व्यक्ति एक निश्चित समय तक उस कंपनी के शेयरों को बेच नहीं सकता है। इस निश्चित समय को ही लॉकअप पीरियड कहा जाता है। तो ऐसे में ज्यादातर समय जब यह लॉकअप पीरियड खत्म हो जाता है, तो उस कंपनी के शेयरों का मूल्य भी काफी गिर जाता है क्योंकि ज्यादातर निवेशक कंपनी के शेयरों को बेचना शुरू कर देते हैं।

2. फ्लीपिंग (Flipping) – बहुत से ऐसे निवेशक होते हैं जो जल्दी पैसा कमाने के लिए किसी भी कंपनी के शेयरों से खरीद कर उसे काफी जल्दी बेच भी देते हैं ऐसे निवेशकों को फ्लिपर्स (Flippers) कहा जाता है और यह निवेशक उस कंपनी के शेयरों के मूल्य पर काफी प्रभाव डालते हैं। इसी वजह से उस कंपनी के मूल्य में काफी तेजी से उतार और चढ़ाव आते रहते है।

3. स्टॉक अप (Stock Up) – आज के समय में बहुत से लोग IPO में निवेश करना इसीलिए पसंद करते हैं क्योंकि बहुत बार IPO में ट्रेडिंग के पहले दिन बहुत उछाल आता जाता है। इसे स्टॉक अप (Stock Up) कहा जाता है।

IPO में कैसे निवेश करें?

How to invest in IPO – दोस्तों वर्तमान समय में किसी भी कंपनी के IPO में निवेश करने के लिए आवेदन करना बहुत ही सरल हो गया है। इसको आप घर बैठे-बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं।

दोस्तों 2008 से पहले यदि आप किसी कंपनी के IPO में आवेदन करना चाहते, तो आपको वह सीधा उस कंपनी पर एक चैक लगवा कर करना पड़ता था। पर इस प्रक्रिया में बहुत बार कंपनी के पास ज़रूरत से ज्यादा आवेदन आ जाते थे। और शेयर्स की संख्या कम होती थी। तो ऐसे में बहुत से आवेदन कर्ता को शेयर्स नहीं मिल पाते थे और बैंक को उनके द्वारा लयाए गए पैसों को लौटाना पड़ता था। यह प्रक्रिया बहुत ही लंबी होती थी और इसमें बहुत सी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता था। तो ऐसे में 2008 में SEBI ने ASBA प्रक्रिया को लागू किया। उसके बाद से इसी प्रक्रिया के द्वारा IPO में निवेश किया जाता है।

बहुत से लोगों के मन में यहां सवाल रहता है कि क्या आप अपने ब्रोकर की सहायता से IPO में निवेश कर सकते हैं। तो इसका जवाब है नहीं। आप अपनी ब्रोकर की सहायता से सीधे IPO में निवेश नहीं कर सकते हैं। किसी भी कंपनी के IPO में निवेश करने के लिए आपको किसी बैंक की सहायता लेनी पड़ती है। किसी भी बैंक की ASBA सुविधा के द्वारा ही आप किसी भी कंपनी के IPO में निवेश कर सकते हैं। SEBI द्वारा यह निर्धारित किया गया है ASBA के बिना आप किसी भी कंपनी के IPO में निवेश नहीं कर सकते हैं। IPO में निवेश के लिए ASBA प्रक्रिया का होना अनिवार्य है।

ASBA क्या है?

What is ASBA – दोस्तों ASBA यानी कि Application Supported by Blocked Amount किसी भी कंपनी के IPO में निवेश करने की एक सरल प्रक्रिया है। जब आप किसी बैंक के जरिए इस सुविधा के द्वारा किसी कंपनी के IPO में निवेश करते हैं तो आपके द्वारा खरीदे गए शेयर्स का मूल्य बैंक में ब्लॉक कर दिया जता हैं। आपके बैंक अकाउंट से पैसा तभी कटेगा जब आपको उस कंपनी के शेयर allot यानी कि आबंटित कर दिए जाएंगे। और यदि आप को शेयर नहीं मिलते हैं तो ऐसे में आपके खाते से पैसा नहीं कटेगा।

IPO में निवेश करने की विधि:

किसी भी बैंक के द्वारा IPO में निवेश करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। आवेदन की प्रक्रिया:

1. सबसे पहले अपने ऑनलाइन नेट बैंकिंग अकाउंट को लॉगिन करें।

2. उसके बात इन्वेस्टमेंट सेक्शन में जाकर IPO विकल्प चुनें।

3. उसके बाद सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे की depositary information, bank account संबंधी जानकारी भरे। और सभी जानकारी को verify करवा ले।

4. उसके बाद जिस भी IPO में अपनी निवेश करना चाहते हैं उसे चुने।

5. आप जितने शेयर खरीदना चाहते हैं और उनके मूल्य सबंधित जानकारी को भरें।

6. उसके बाद terms and conditions को पढ़ें और ऑर्डर करने के लिए Apply Now पर क्लिक करें।

निष्कर्ष –

Conclusion – तो दोस्तों IPO यानी कि इनिशियल पब्लिक आफरिंग किसी भी कंपनी का प्राइवेट से पब्लिक होना की प्रक्रिया होती है। जिसमें कंपनी निवेश प्राप्ति के लिए अपनी कंपनी के शेयर को पहली बार आम जनता है के लिए लागू करती है। IPO में पैसा निवेश करना कम समय में अधिक पैसा कमाने का एक अच्छा जरिया हो सकता है। लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह काफी जोखिम भरा भी हो सकता है। IPO में निवेश करना ना करना से पहले इसे अच्छी तरह से समझ लेना आवश्यक होता है। यहां ध्यान रखने योग्य बात यह है कि यदि कोई कंपनी अपना IPO निकालती है और निवेशक उस कंपनी में निवेश करते हैं, और यदि उन्हें नुकसान हो जाता है तो वह कंपनी निवेशकों को हुए नुकसान के लिए जवाबदेही नहीं होती है।

तो उम्मीद करता हूं आप What is Initial Public Offering (IPO) 2021 in Hindi, IPO क्या होता है, आप IPO में कैसे निवेश कर सकते हैं, IPO के फायदे और प्रक्रिया के बारे में जान गए होंगे। यदि हमारे आर्टिकल से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन में है तो आप हमें कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं हम जल्द से जल्द आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास करेंगे।

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