What are Hybrid Funds 2021 in Hindi | Hybrid Mutual Funds Kya Hai

by Rahul Gupta
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What are Hybrid Funds 2021 in Hindi

What are Hybrid Funds 2021 in Hindi, Hybrid Mutual Funds Kya Hai

What are Hybrid Funds 2021 in Hindi – हमने म्यूच्यूअल फंड के बारे में पढ़ा की वो क्या होते है, कैसे काम करते है, कितने टाइप के होते है? आज हम देखेंगे की हाइब्रिड फंड क्या होते है?

हाइब्रिड फंड क्या है?

What is a Hybrid Fund – जैसे की नाम से पता चल रहा है कि Hybrid Fund डायवर्सिफिकेशन के लिए और जोखिम से बचने के लिए डेट और इक्विटी दोनों instrument (साधनों) में निवेश करते हैं। इक्विटी और डेट फंडों के सही मिश्रण से ये फंड एक डेट फंड से ज्यादा उच्चतर रिटर्न देता है और इक्विटी फंड के तुलना में कम ज़ोखिम वाले होते है। हाइब्रिड फंड का चुनाव आपकी जोखिम प्राथमिकताओं और निवेश के उद्देश्य पर निर्भर करता है।

हाइब्रिड फंड काम कैसे करते हैं?

How Do Hybrid Funds Work?हाइब्रिड फंडों का उद्देश्य लंबे समय में धन को बढ़ाना और एक संतुलित पोर्टफोलियो के माध्यम से अल्पावधि में भी अच्छी आय प्राप्त/उत्पन्न करना है। फंड मैनेजर आपके पैसे को फंड के निवेश उद्देश्य के आधार पर इक्विटी और डेट में अलग-अलग अनुपात में आवंटित करता है। फंड मैनेजर बाजार की चाल का फायदा उठाने के लिए सिक्योरिटीज खरीद / बेच सकता है।

हाइब्रिड फंड्स में निवेश करना चाहिए?

Who Should Invest in Hybrid Funds – हाइब्रिड फंडों को इक्विटी फंडों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। ये वास्तविक डेट फंडों की तुलना में अधिक रिटर्न प्रदान करते हैं और कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं। उभरते या नए निवेशक जो इक्विटी बाजारों में निवेश करने को तैयार हैं, वे हाइब्रिड फंड में निवेश करके अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

पोर्टफोलियो में इक्विटी घटकों की उपस्थिति उच्च रिटर्न अर्जित करने की क्षमता प्रदान करती है। साथ ही, फंड का डेट कॉम्पोनेन्ट/घटक मार्किट के अत्यधिक उतार-चढ़ाव में आपको सुरक्षा प्रदान करता है। इस तरह, आपको डेट कॉम्पोनेन्ट होने के कारण स्थिर रिटर्न प्राप्त होता है जो कि शुद्ध इक्विटी फंड के मामले में नही हो सकता है।

हाइब्रिड फंडों की डायनेमिक एसेट एलोकेशन सुविधा कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव का भी फायदा प्राप्त करने का एक शानदार तरीका है।

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हाइब्रिड फंड के प्रकार

Types of Hybrid Funds – चूंकि प्रत्येक हाइब्रिड फंड में इक्विटी और डेट के बीच एक अलग एसेट एलोकेशन हो सकता है, इसीलिए इन्हें निम्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

इक्विटी-ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड्स

Equity-oriented Hybrid Funds – एक इक्विटी-ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड विभिन्न Market Capitalizations (बाजार पूंजीकरण) और विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 65% निवेश करता है। शेष 35% का निवेश debt securities (ऋण प्रतिभूतियों) और मुद्रा बाजार के साधनों में किया जाता है।

डेट- ओरिएंटेड हाइब्रिड फ़ंड

Debt-oriented Hybrid Funds – एक debt-oriented हाइब्रिड फंड अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 60% बॉन्ड, डिबेंचर, सरकारी प्रतिभूतियों, आदि में निवेश करता है। शेष 40% इक्विटी में निवेश किया जाता है। कुछ फंड्स लिक्विड स्कीम में अपने कॉर्पस का एक छोटा हिस्सा भी निवेश करते हैं।

बैलेंस्ड फंड

Balanced Funds – ये फंड इक्विटी और इक्विटी से संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स में अपनी कुल संपत्ति का 65% निवेश करते हैं और बाकी का debt securities (ऋण प्रतिभूतियों) और नकदी में करते है। कराधान के लिए, इन्हें इक्विटी फंड माना जाता है और 1 लाख रुपये तक के long-term capital gains (दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ) पर कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसका fixed income component निश्चित आय घटक इसे इक्विटी निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है क्योंकि यह इक्विटी निवेश की अस्थिरता को कम करने में मदद करता है।

मासिक आय योजना

Monthly Income Plans (मासिक आय योजनाएं) एक हाइब्रिड फंड हैं जो मुख्य रूप से fixed income securities (निश्चित आय प्रतिभूतियों) में निवेश करते हैं और अपने कोष का एक छोटा हिस्सा इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों को आवंटित करते हैं। जिसके कारण इन योजनाओं में pure debt schemes (डेट ऋण योजनाओं) की तुलना में बेहतर रिटर्न उत्पन्न करने की क्षमता होती है जिससे ये फंड, निवेशकों को नियमित आय उत्पन्न करने की सुविधा देता है। अधिकांश योजनाएं में growth option होता है जिससे आपकी इनकम फंड के कोष में ही बढती रहती है।

आर्बिट्राज फंड्स

Arbitrage Funds – आर्बिट्राज फंड एक बाजार में कम कीमत पर स्टॉक खरीदते हैं और इसे दूसरे में उच्च कीमत पर बेचते हैं। फंड मैनेजर लगातार आर्बिट्राज अवसरों की तलाश में रहता है और फंड के रिटर्न को अधिकतम करता है। हालांकि, ऐसे समय होते हैं जब आर्बिट्राज के अच्छे अवसर उपलब्ध नहीं होते हैं। ऐसे समय के दौरान, फंड मुख्य रूप से debt securities (ऋण प्रतिभूतियों) और नकदी में निवेश करता है। आर्बिट्राज फंड को डेट फंड की तरह ही सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, लंबी अवधि के capital gains (पूंजीगत लाभ) पर इक्विटी फंड की तरह कर लगाया जाता है।

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हाइब्रिड फंड के फायदे

Hybrid Fund Advantages – हाइब्रिड फंड में निम्न फायदे है –

1.  एक फंड के साथ कई एसेट क्लास तक पहुँच/Access multiple asset classes with a single fund – हाइब्रिड म्यूचुअल फंड के विभिन्न लाभों में से एक यह है कि अलग-अलग asset class की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विभिन्न फंडों में निवेश करने के बजाय, एक निवेशक एक उत्पाद में कई asset class का उपयोग कर सकता है।

2. सक्रिय जोखिम प्रबंधन/Active Risk Management – हाइब्रिड म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो डायेवरसिफिकेशन और परिसंपत्ति आवंटन के माध्यम से सक्रिय जोखिम प्रबंधन प्रदान करता है। वे नॉन-कोरिलेटेड परिसंपत्ति वर्गों जैसे कि इक्विटी और ऋण को मिलाकर जोखिम का प्रबंधन करते हैं।

3. डायेवेर्सीफिकेशन/ विविधता/Diversification – वे न केवल asset classes (परिसंपत्ति वर्गों) में, बल्कि asset class के भीतर sub-classes (उप-वर्गों) में भी पोर्टफोलियो में विविधता लाते हैं। समग्र इक्विटी आवंटन के भीतर, वे लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप स्टॉक, वैल्यू या ग्रोथ स्टॉक में निवेश करते हैं।

4. विभिन्न जोखिम प्रोफाइल को पूरा करता है/Caters to various risk profiles – ये फंड कम जोखिम से मध्यम और मध्यम से एग्रेसिव तक के सभी जोखिम वाले फंड के स्तरों को ऑफर करता हैं। जोखिम उठाने वाले के लिए इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम, और जोखिम नही उठाने वाले के लिए डेट ओरिएंटेड स्कीम! और उन लोगों के लिए डायनामिक एसेट एलोकेशन फंड जो एक निश्चित एसेट आवंटन के साथ जुड़े नहीं रहना चाहते हैं, किन्तु साथ ही साथ मार्किट के साथ चलना चाहते है बिना खुद के दिमाग से निवेश किये। उन निवेशकों के लिए arbitrageफंड जो अस्थिर वातावरण में स्थिर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं।

5. कम में खरीदना और उच्च में बेचना/Buying low and selling high – फंड मैनेजर्स पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करते रहते हैं, ताकि किसी खास एसेट क्लास को ज्यादा दाम होने पर बेचे और कम दाम होने पर खरीद सके। ऐसा इसीलिए किया जाता है जिससे समय समय पर लीड एसेट एलोकेशन को एडजस्ट किया जा सके।

6. आटोमेटिक री-बेलेंसिंग/Automatic Rebalancing – फंड मैनेजर आवश्यकता पड़ने पर पोर्टफोलियो को खुद से री-बेलेंस/पुनर्संतुलित करते है, जिससे निवेशक को अपने तरफ से कुछ नही करना पड़ता है। जिससे बाजारों को ट्रैक करने और परिसंपत्ति आवंटन का प्रबंधन करने के लिए आवश्यक समय और प्रयास की बचत होती हैं।

निवेशक को जिन बातों पर विचार करना चाहिए

Things an Investor Should Consider – हाइब्रिड फंड में निवेश करने से पहले निवेशक को निम्नलिखित बातों पर विचार करना चाहिए –

रिस्क फैक्टर / Risk Factor – हाइब्रिड फंड्स को पूरी तरह से जोखिम मुक्त मानना ​​समझदारी भरा निर्णय नही होगा। कोई भी साधन जो इक्विटी बाजारों में निवेश करता है, उसमे कुछ न कुछ जोखिम तो होता ही है। यह pure इक्विटी फंडों की तुलना में कम जोखिम भरा होता है, लेकिन आपको नियमित रूप से सावधानी और पोर्टफोलियो रिबैलेंसिंग करने की आवश्यकता है।

रिटर्न्स / Returns – हाइब्रिड फंड गारंटीकृत रिटर्न की पेशकश नहीं करते हैं। इनके अंतर्गत आने वाली सिक्योरिटीज फंड के NAV (एनएवी) को प्रभावित करता है। इसलिए, इनमे बाजार के हिसाब से इसमें उतार-चढ़ाव हो सकते है। इसके अलावा, बाजार में गिरावट के दौरान ये लाभांश घोषित नहीं करते हैं।

लागत / Cost –  हाइब्रिड फंड आपके पोर्टफोलियो को मैनेज/प्रबंधन करने के लिए एक शुल्क लेते हैं, जिसे हम एक्सपेंस रेश्यो के रूप में जानते है। हाइब्रिड फंड में निवेश करने से पहले, यह सुनिश्चित करें कि इसमें अन्य प्रतिस्पर्धी फंडों की तुलना में कम एक्सपेंस रेश्यो हो, जिससे यह निवेशक के लिए उच्चतर रिटर्न जनरेट करे।

निवेश क्षितिज / Investment Horizon – हाइब्रिड फंड मध्यम अवधि के निवेश क्षितिज (3-5 सालो) के लिए आदर्श हो सकते हैं। यदि आप जोखिम-मुक्त दर अर्जित करना चाहते हैं, तो आपको arbitrage funds लेना चाहिए। हाइब्रिड फंड विभिन्न बाजारों में प्रतिभूतियों के मूल्य अंतर पर पैसा लगाते हैं।

वित्तीय लक्ष्य / Financial Goals –  आप हाइब्रिड फंड के साथ मध्यवर्ती वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं जैसे कार खरीदना या उच्च शिक्षा का वित्तपोषण करना। सेवानिवृत्त लोग भी बेलेन्स्ड फंडों में निवेश कर सकते हैं और अपनी सेवानिवृत्ति के बाद की आय के पूरक के लिए लाभांश विकल्प चुन सकते हैं।

कर

Tax – हाइब्रिड फंडों में, लाभ पर कर इस प्रकार है:

हाइब्रिड फंड का इक्विटी घटक

Equity component of the Hybrid Fund – इस पर इक्विटी फंड की तरह टैक्स लगाया जाता है:

  • एक लाख रुपये से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG)पर बिना इंडेक्सेशन के 10% टैक्स लगता है
  • अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (STCG) पर 15% कर लगता है
हाइब्रिड फंड का ऋण घटक

Debt component of the Hybrid Fund – इस पर किसी भी pure debt fund की तरह कर लगाया जाता है। पूंजीगत लाभ को आपकी आय में जोड़ा जाता है और लागू आयकर स्लैब के अनुसार कर लगाया जाता है।

डेट कंपोनेंट से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर इंडेक्सेशन के बाद 20% और इंडेक्सेशन बेनिफिट के बिना 10% टैक्स लगता है।

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सर्वश्रेष्ठ हाइब्रिड फंड का चुनाव कैसे करे

How to Find the Best Hybrid Fund – हाइब्रिड फंड का मूल्यांकन उसके रिटर्न, फंड मैनेजमेंट टीम, विंटेज, कॉर्पस, रिस्क, रिटर्न और expense ratio (खर्च अनुपात) में स्थिरता के आधार पर किया जाता है।

सर्वश्रेष्ठ हाइब्रिड फंड वे होते हैं जो लगातार अपने साथ के फंडो की तुलना में समय के दौरान शीर्ष पर हो। हालांकि, उन रिटर्न को हासिल करने के लिए उन्होंने जो जोखिम उठाया है, उसे देखना महत्वपूर्ण है।

फंड के प्रदर्शन को समझने के लिए उसकी लांच डेट देखना भी महत्वपूर्ण जिससे पता चले की फंड कब अस्तित्व में आया और उसका परफॉरमेंस कैसा है?

बेस्ट हाइब्रिड फंड्स में एक उचित corpus amount होता है। फंड का corpus amount बहुत छोटा भी न हो जिससे उस पर पर्याप्त ध्यान न दिया जाए और न ही इतना बड़ा कि इसे संभालना मुश्किल हो जाए।

एक अनुभवी फंड प्रबंधन टीम भी एक अच्छा हाइब्रिड विकल्प चुनने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसीलिए इसे भी अच्छे से जाने।

आज हमने देखा कि What are Hybrid Funds 2021 in Hindi, आगे हम म्यूच्यूअल फंड के और भी रोचक टॉपिक आपके लिए लाते रहेंगे । आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमे बताएं। हमे आपके सुझाव एवं कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। बने रहिये अपनीबचत।

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