What are Closed Ended Mutual Funds 2021 in Hindi | Closed Ended Fund Kya Hai?

by Rahul Gupta
5 mins read
What are Closed Ended Mutual Funds 2021 in Hindi Closed Ended Fund Kya Hai

What are Closed Ended Mutual Funds 2021 in Hindi, Closed Ended Fund Kya Hai?

What are Closed Ended Mutual Funds in Hindi – म्यूचुअल फंड को उनकी संरचना एवं मेच्युरिटी समय के आधार पर तीन प्रकार में ओपन-एंडेड, क्लोज-एंडेड और इंटरवल फंड में वर्गीकृत किया जा सकता है। यह वर्गीकरण उस आवृत्ति को ध्यान में रखता है जिसके साथ आप योजना की इकाइयाँ खरीद या बेच सकते हैं। जबकि ओपन-एंडेड फंड निवेशकों के बीच अधिक सामान्य और लोकप्रिय हैं क्योंकि उन्हें बिना किसी प्रतिबंध के ख़रीदा या बेचा जा सकता है।

तो चलिए आज हम Closed Ended Mutual Fund के बारे में, उनके लाभों  के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे।

Closed Ended Funds क्या है?

What are Closed Ended Funds? – क्लोज्ड एंडेड फंड एक इक्विटी या डेट फंड है जिसमें फंड हाउस लॉन्च के समय एक निश्चित संख्या में यूनिट जारी करता है।

क्लोज-एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाओं में एक निर्धारित निवेश और मेच्यरिटी अवधि होती है। New Fund Offer (NFO) फंड ऑफर (एनएफओ) जिसमें म्यूचुअल फंड हाउस इन क्लोज-एंडेड योजनाओं को लॉन्च करता है। ऐसी योजनाओं में निवेश केवल एनएफओ अवधि के दौरान ही किया जा सकता है।

इसके अलावा, एक निश्चित मेच्यरिटी तिथि भी है जिसके पहले आप योजनाओं को redeem नहीं सकते। एनएफओ के बाद कुछ क्लोज-एंडेड योजनाएं स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होती हैं। निवेशक ऐसे फंड को स्टॉक एक्सचेंज में बेच या खरीद सकते हैं जहां वे सूचीबद्ध हैं।

कुछ क्लोज-एंडेड योजनाओं में, निवेशकों को समय-समय पर म्यूचुअल फंड हाउस को अपनी यूनिट वापस बेचने का विकल्प दिया जाता है, जब म्यूचुअल फंड कंपनी समय-समय पर पुनर्खरीद के माध्यम से इकाइयों की पुनर्खरीद करती है। सेबी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, म्यूचुअल फंड कंपनियों को अपने निवेशकों को अपने निवेश से बाहर निकलने का रास्ता देना होता है, और वो ऐसा 2 तरीको से कर सकते है यानी या तो स्टॉक एक्सचेंज में फंड बेचकर या म्यूचुअल फंड कंपनी को वापस बेचकर।

Closed Ended Fund कैसे काम करता है?

How does Closed Ended Fund work? – क्लोज एंडेड फंड आम म्यूचुअल फंड की तरह ही काम करता है। निवेशक क्लोज एंडेड फंड की यूनिट केवल NFO अवधि के दौरान ही खरीद सकते हैं। फंड की परिपक्वता अवधि 3 से 4 वर्ष होती है, और निवेशकों को योजना की maturity (परिपक्वता) से पहले फंड से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।

क्लोज एंडेड फंड का शेयर बाजार में किसी भी अन्य सुरक्षा की तरह कारोबार किया जा सकता है। इकाइयों की कीमत बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुसार भिन्न हो सकती है। जो निवेशक मैच्योरिटी से पहले फंड से बाहर निकलना चाहते हैं, वे अपनी यूनिट्स को शेयर बाजार में बेच सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड सम्बंधित लेख पढ़े म्यूच्यूअल फंड सीरीज पर – म्यूच्यूअल फंड सीरीज
1. म्यूच्यूअल फंड सिप क्या है, कैसे बने अमीर?
2. म्यूच्यूअल फंड NAV क्या है?
3. म्यूच्यूअल फंड में निवेश कैसे करे?

Closed Ended Funds में निवेश कैसे करें?

How to invest in Close Ended Funds? – निवेशक किसी asset management कंपनी या वितरकों और एजेंटों के माध्यम से सीधे निवेश कर सकते हैं। जब आप डायरेक्ट प्लान में निवेश करते हैं, तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटर को कोई कमीशन नहीं दिया जाता है। निवेशक म्यूचुअल फंड कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन क्लोज एंडेड फंड की सदस्यता भी ले सकते हैं।

Close Ended Mutual Funds की विशेषताएं

Feature of Close Ended Mutual Funds – क्लोज एंड फंड की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • एक स्थिर asset base (परिसंपत्ति आधार) बनाने में मदद करता है।
  • निवेशक इन फंडों को मैच्योरिटी तिथि के बाद वास्तविक समय कीमतों पर बेच सकते हैं।
  • अधिकतम संभव रिटर्न प्रदान करता है।
  • लंबी अवधि के निवेश के लिए उपयुक्त।

Closed Ended Mutual Fund में किसे निवेश करना चाहिए?

Who should invest in a Closed Ended Mutual Fund? – क्लोज्ड एंडेड फंड में एकमुश्त निवेश की आवश्यकता होती है और मैच्योरिटी तक तक आप इसे redeem नही कर सकते हैं। इसलिए, ऐसे निवेशक जिनके पास पर्याप्त निवेश योग्य कोष हो और जिनका निवेश क्षितिज योजना की मैच्योरिटी तिथि के साथ मेल खता हो, वो निवेशक क्लोज्ड एंडेड म्यूचुअल फंड का विकल्प चुन सकते हैं।

इसके अलावा, आप offer document में दी गई योजना के asset allocation के आधार पर योजना के जोखिम और रिटर्न का मूल्यांकन कर सकते है।

Closed Ended Mutual Fund की मेच्युरिटी?

Closed Ended Mutual Fund Maturity? – निवेशक क्लोज-एंडेड स्कीम की यूनिट्स को फंड हाउस से केवल एनएफओ अवधि के दौरान खरीद सकता है और परिपक्वता के बाद ही फंड हाउस के साथ उन्हें redeem कर सकता है जो आमतौर पर 3 से 7 साल तक होता है।

अगर,  फिर भी निवेशक को मेच्सेयुरिटी से पहले क्लोज-एंडेड फंड को redeem करना है तो आप ये करे?

एनएफओ के बाद कुछ क्लोज-एंडेड योजनाएं स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होती हैं। निवेशक ऐसे फंड को स्टॉक एक्सचेंज में बेच या खरीद सकते हैं जहां वे सूचीबद्ध हैं।

कुछ क्लोज-एंडेड योजनाओं में, निवेशकों को समय-समय पर म्यूचुअल फंड हाउस को अपनी यूनिट वापस बेचने का विकल्प दिया जाता है, जब म्यूचुअल फंड कंपनी समय-समय पर पुनर्खरीद के माध्यम से इकाइयों की पुनर्खरीद करती है। सेबी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, म्यूचुअल फंड कंपनियों को अपने निवेशकों को अपने निवेश से बाहर निकलने का रास्ता देना होता है, और वो ऐसा 2 तरीको से कर सकते है यानी या तो स्टॉक एक्सचेंज में फंड बेचकर या म्यूचुअल फंड कंपनी को वापस बेचकर।

Closed Ended Mutual Funds के फायदे?

Advantages of Closed Ended Mutual Funds? – Closed Ended Mutual Funds के निम्न फायदे है –

1. स्थिरता/Stability – क्लोज एंडेड फंड asset evaluation (परिसंपत्ति मूल्यांकन) के मामले में स्थिरता प्रदान करते हैं। ऐसे फंड मार्किट की चाल के अनुसार अपना निवेश इक्विटी, डेट और अन्य वित्तीय साधनों में करते हैं। एक क्लोज एंडेड फंड NFO अवधि के दौरान एक अच्छा धन जमा कर लेते है।

जैसा की हमे पता है कि क्लोज्ड एंडेड फंड में, निवेशक मैच्योरिटी तिथि से पहले अपनी यूनिट्स को redeem नहीं सकते हैं, इसी का फायदा फंड मैनेजर्स उठाते है, क्यूंकि उनके पास निवेश करने के लिए हाथ खुले होते है, और जैसा की इसमें रिडेम्पशन का कोई चक्कर नही होता तो लिक्विडिटी बनाने के लिए अलग से धन नही रखना होता है। यह फंड मैनेजर को एक रणनीति बनाने और निवेश उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करता है।

2. इम्यून फॉर्म आउटफ्लो (बाहर जाने वाले कैशफ्लो को रोकता है)/Immune from Outflow – क्लोज एंडेड फंड बड़े इन-फ्लो और आउट-फ्लो के प्रति प्रतिरक्षित होते हैं। क्लोज एंडेड फंड के तहत, निवेशक का पैसा मैच्योरिटी तक लॉक-इन अवधि के अधीन होता है।

3. ट्रेडिंग/Trading – निवेशकों के पास शेयर बाजार में अपने क्लोज एंडेड फंडों का व्यापार करने का विकल्प होता है। ट्रेडिंग कीमत खरीद के समय फंड के एनएवी से कम या अधिक हो सकती है।

मांग और आपूर्ति के आधार पर बाजार मूल्य – इक्विटी शेयरों की तरह, closed ended schemes की इकाइयों को स्टॉक एक्सचेंज में योजना की इकाइयों की मांग और आपूर्ति द्वारा निर्धारित कीमतों पर बेचा जाता है। इसलिए, यदि किसी विशेष क्लोज्ड एंडेड योजना की मांग बढ़ जाती है और आपूर्ति कम रहती है, तो इकाइयां योजना के एनएवी से काफी अधिक कीमत पर बेची जा सकती हैं।

4. वे इलिक्विड नहीं हैं – पहली नजर में, क्लोज्ड एंडेड फंड इलिक्विड मतलब की जो लिक्विड नही किये जा सके लगते है, क्योंकि फंड हाउस यूनिट्स को redeem की अनुमति नहीं देता है, अपितु स्टॉक एक्सचेंज यूनिट्स को खरीदने / बेचने के कई अवसर प्रदान करता है।

वास्तव में, क्लोज्ड एंडेड फंड निवेशकों को उच्च स्तर की तरलता प्रदान करते हैं। आप मौजूदा बाजार कीमतों पर स्टॉक एक्सचेंज से क्लोज्ड एंडेड फंड की इकाइयों को खरीद या बेच सकते हैं।

Closed Ended Mutual Funds के नुकसान?

Disadvantages of Closed Ended Mutual Funds? – Closed Ended Mutual Funds के निम्न नुकसान है –

1. फंड तक त्वरित पहुंच/Access of funds in Emergency – आपात/इमरजेंसी की स्थिति होने पर निवेशक अपने निवेश को तुरंत redeem करके निकाल थोडा सा मुश्किल है क्यूंकि इसमें थोडा सा समय लग सकता है।

2. अतीत परदर्शन/Past Performance – ये बात सही है कि एक क्लोज्ड एंडेड फंड का फंड मैनेजर योजना के निवेश उद्देश्यों को प्राप्त करने में और निवेश रणनीति बनाने के लिए एक अच्छी स्थिति में होता है। हालांकि, अगर हम अतीत में क्लोज्ड एंडेड फंडों के प्रदर्शन को देखें, तो यह ओपन एंडेड योजनाओं की तुलना में बेहतर रिटर्न को नहीं दर्शाता है।

3. केवल एकमुश्त निवेश विकल्प उपलब्ध है/Only Lump Sum Investment option available – चूंकि आप किसी क्लोज्ड एंडेड स्कीम की यूनिट्स केवल प्रारंभिक लॉन्च अवधि के दौरान ही खरीद सकते हैं, और इसके लिए आप जो भी निवेश करते है वो एकमुश्त निवेश ही हो सकता है। जो की हर किसी के लिए सुविधाजनक नही है। कई निवेशक निवेश के लिए the systematic investment plan (SIP)पसंद करते हैं क्योंकि यह सुलभ और सुविधाजनक है और जोखिम को कम करने में सक्षम है।

4. फंड मैनेजर पर अत्यधिक निर्भरता एवं संचालित / Highly fund manager-driven – आमतौर पर, निवेशक विभिन्न मार्किट साइकिल में म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हैं ताकि यह आकलन किया जा सके कि इसमें निवेश करना एक अच्छा विकल्प है या नहीं। जबकि यह जानकारी ओपन एंडेड योजनाओं के लिए आसानी से उपलब्ध है, क्लोज्ड एंडेड फंड के मामले में, यह डेटा उपलब्ध नहीं है। इसलिए, फंड का प्रदर्शन काफी हद तक फंड मैनेजर के फैसलों पर निर्भर करता है।

FAQs

Closed ended mutual fund क्या है? What is a closed ended mutual fund?

क्लोज्ड एंडेड फंड एक इक्विटी या डेट फंड है जिसमें फंड हाउस लॉन्च के समय एक निश्चित संख्या में यूनिट जारी करता है। क्लोज-एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाओं में एक निर्धारित निवेश और मेच्यरिटी अवधि होती है। New Fund Offer (NFO) फंड ऑफर (एनएफओ) जिसमें म्यूचुअल फंड हाउस इन क्लोज-एंडेड योजनाओं को लॉन्च करता है। ऐसी योजनाओं में निवेश केवल एनएफओ अवधि के दौरान ही किया जा सकता है।

Closed ended mutual fund में कौन निवेश कर सकता है? Who all can invest in a closed ended mutual fund?

क्लोज्ड एंडेड फंड में एकमुश्त निवेश की आवश्यकता होती है और मैच्योरिटी तक तक आप इसे redeem नही कर सकते हैं। इसलिए, ऐसे निवेशक जिनके पास पर्याप्त निवेश योग्य कोष हो और जिनका निवेश क्षितिज योजना की मैच्योरिटी तिथि के साथ मेल खता हो, वो निवेशक क्लोज्ड एंडेड म्यूचुअल फंड का विकल्प चुन सकते हैं।

Closed ended mutual fund में टैक्स कैसे लगाया जाता है? How taxation works in the case of a closed ended mutual fund?

क्लोज्ड एंडेड म्यूचुअल फंड में टैक्स की दरें स्कीम में इक्विटी और डेट में निवेश किये गए प्रतिशत पर निर्भर करती हैं। यदि फंड अपनी कुल संपत्ति का 65% या अधिक इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों में निवेश करता है तो इसे एक इक्विटी फंड के रूप में देखा जाता है । जबकि कर उद्देश्यों के लिए इसे डेट फंड के रूप में माना जाता है, अगर फंड अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 65% डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है।

इस पोस्ट में हमने Closed ended mutual fund पर काफी अच्छे से चर्चा की, उम्मीद है आपको आर्टिकल अच्छा लगा होगा हमे आपकी सलाह और कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। हम आगे भी ऐसे महत्वपूर्ण म्यूच्यूअल फंड से सम्बंधित आर्टिकल पोस्ट करेंगे तो बने रहिये अपनीबचत पर।

You may also like

Leave a Comment