Tax Benefits on Home loan in Hindi

by team apneebachat
Tax Benefits on Home loan in Hindi

विभिन्न प्रकार के ऋणों में होम लोन का सबसे लंबा पुनर्भुगतान कार्य काल होता है। आपकी कंडीशन देखकर बैंक इसे 30 वर्ष तक बढ़ा सकता है। यह बढ़ा हुआ समय ईएमआई का बोझ कम कर देता है। आज हम पोस्ट में समझेंगे Tax Benefits on Home loan in Hindi.

Additional Reading – Home Loan Kya Hai, types and benefits

टैक्स में कई तरह की छूट मिलती है होम लोन से

कुछ लोग कर्जदार होने से भय से लोन लेना पसंद नहीं करते। यही कारण है कि पहले के समय में पूंजी जमा की जाती थी, फिर घर खरीदा जाता था। अब यह सोच काफी हद तक बदल चुकी है। आज लोन लेना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है जैसे कि ‘होम लोन प्रिंसिपल रीपेमेंट’ पर आपको लाभ मिलता है।

होम लोन की मूल राशि चुकाने के दौरान आयकर अधिनियम की धारा 80-सी के अनुसार प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपए तक आपको इनकम टैक्स में छूट भी मिलती है। किस्तें चुकाते हुए आप घर के मालिक बन जाते हैं।

5-6 वर्ष बाद किसी कारण आपको प्रॉपर्टी बेचना पड़ी तो उतने समय जो रकम आपने किस्त के रूप में चुकाई है, वह बढ़कर आपको रिटर्न मिलती है, साथ ही इतने वर्ष आपने घर का सुख लिया वह अलग। इसके अलावा यदि आप लंबी अवधि का लमसम अमाउंट का लोन लेना चाहते हैं तो आपकी कंडीशन देखकर बैंक 30 वर्ष तक का लोन दे सकते हैं। इससे आपकी मासिक किस्त कम रुपयों की हो जाएगी जिसे चुकाना आपके लिए आसान होगा। लेकिन यह याद रखें कि होम लोन पर कर्ज देने वाला बैंक लंबी अवधि में आपसे काफी राशि ब्याज की वसूल लेगा।

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पहली बार घर खरीदने वालों को यह लाभ मिलेगा

जब आप धारा 80-सी और धारा 24 के तहत अपने होम लोन की मूल और ब्याज राशि में कटौती का दावा कर सकते हैं, तो आप पहली बार के होमबॉयर के रूप में अतिरिक्त कर कटौती का भी दावा कर सकते हैं। इसी तरह धारा 80-ईई के तहत आप ब्याज में 50 हजार रुपए प्रति वर्ष छूट का दावा भी कर सकते हैं। इसके लिए यह जरूरी है कि आपके घर की कीमत कम से कम 50 लाख रुपए हो और लोन राशि 3 लाख रुपए से कम बची हो।

होम लोन के ब्याज भुगतान पर लाभ

इसके अलावा आप आयकर अधिनियम की धारा 24 के तहत अपने गृह ऋण पर दिए गए ब्याज के संबंध में क्लेम का दावा कर सकते हैं। यदि आप संपत्ति के मालिक हैं और 5 वर्ष की तय सीमा में निर्माण पूरा कर लेते हैं तो ब्याज में 2 लाख रुपए तक की छूट का दावा कर सकते हैं। इसी तरह यदि तय समय में निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो भी आप 30 हजार रुपए की छूट पा सकते हैं। डिडक्शन (कटौती) के बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप cleartax या bankbazaar की इन लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Additional Reading – Home Loan Interest Type (Fixed or Floating) in Hindi

लोन में आपके परिवार के भागीदार समस्यों को लाभ

यदि पति , पत्नी या रिश्तेदार के साथ जॉइंट होम लोन लिया है तो भी आप इनकम टैक्स में छूट के बराबरी के हकदार हैं। आप सभी सेक्श न 80-सी और 24 के दावे पेश कर सकते हैं। इस तरह की छूट आपको बूस्टर देने का काम करेगी। इसके अलावा, आपने होम लोन लिया हुआ है, लेकिन आप किराए पर किसी दूसरे अपार्टमेंट में रहते हैं तो आप दो दावे कर सकते हैं। उपरोक्त लाभ के अलावा आप एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) से संबंधित टैक्स छूट का दावा भी कर सकते हैं।

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टैक्स में क्या फायदे मिलते है

  • होम लोन पर ब्याज भुगतान के लिए कटौती

एक होम लोन घर खरीदने और बनवाने के लिए, लिया जाना चाहिए, और घर का निर्माण लोन लेने की तारीख से 5 साल के भीतर पूरा किया जाना चाहिए| यदि आप आवास ऋण के लिए ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं, तो इसके दो घटक हैं – ब्याज (इंटरेस्ट) कॉम्पोनेन्ट और मूल (प्रिंसिपल) कॉम्पोनेन्ट| वित्तीय वर्ष में भुगतान की गई ईएमआई का इंटरेस्ट पार्ट आपकी कुल आय में से डीडकशन के रूप में क्लेम किया जा सकता है  अधिकतम 2 लाख रुपये तक धारा 24 के तहत । असेसमेंट ईयर 2018-19 से सेल्फ ऑक्युपाइड हाउस प्रॉपर्टी पर मिलने वाले ब्याज की अधिकतम डीडकशन 2 लाख रुपये है

  • होम लोन पर ब्याज भुगतान के लिए कटौती, प्री-कंस्ट्रक्शन पीरियड में

आपने एक निर्माणाधीन (अंडर-कंस्ट्रक्शन) संपत्ति खरीदी और अभी तक उसमे शिफ्ट नही हुए हो। लेकिन आप ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं। इस मामले में, होम लोन पर ब्याज का दावा करने के लिए आपकी पात्रता केवल निर्माण पूरा होने पर या पूरी तरह से निर्मित संपत्ति खरीदने पर शुरू होती है| तो क्या इसका मतलब यह है कि आप इंटरेस्ट भुगतान (पेड) पर टैक्स बेनिफिट का आनंद, लोन लेने और निर्माण पूरा होने (कम्पलीशन) के बीच के समय पर नही ले पाएंगे? नहीं,

आप निश्चित ही इसका लाभ ले सकेंगे, आइये जानते है कैसे ?

आयकर कानून ऐसे ब्याज के दावे के लिए भी सुविधा प्रदान करता है, जिसे पूर्व-निर्माण ब्याज कहा जाता है, उस वर्ष से शुरू होने वाली पांच समान किश्तों में कटौती जिसमें संपत्ति का अधिग्रहण किया जाता है या निर्माण पूरा हो जाता है हालांकि, अधिकतम पात्रता 2 लाख रुपये पर छाया हुआ है।

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  • प्रिंसिपल पुनर्भुगतान पर डिडक्शन (कटौती)

उस साल के लिए ई ऍम आई का प्रिंसिपल पोरशन 80c में डिडक्शन के तौर पर मान्य है| दावा की जाने वाली अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपये तक है। लेकिन इस कटौती का दावा करने के लिए, घर की संपत्ति को पजेशन (कब्जे) के 5 साल के भीतर बेचा नहीं जाना चाहिए|

  • स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के लिए कटौती

प्रिंसिपल रीपेमेंट डिडक्शन क्लेम करने के अलावा, स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन चार्जेज को भी 80C में क्लेम कर सकते है, लेकिन कुल मिलाकर 1.5 लाख रुपये की सीमा के भीतर। हालांकि, यह केवल उस वर्ष का दावा किया जा सकता है जिसमें ये खर्च होते हैं।

  • धारा 80EE के तहत अतिरिक्त कटौती

धारा 80EE के तहत अतिरिक्त कटौती से घर खरीदारों को अधिकतम 50,000 रुपये तक की छूट दी जाती है। इस कटौती का दावा करने के लिए, लिए गए लोन (ऋण) की राशि 35 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए और संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए और लोन (ऋण) 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत किया गया हो। इसमें ये बात भी ध्यान देने वाली है की लोन (ऋण) की मंजूरी की तारीख पर, व्यक्ति के पास कोई अन्य घर नहीं हो। वित्त वर्ष 2016-17 से धारा 80EE  को फिर से लागू किया गया है। इससे पहले Sec 80EE के तहत दी जाने वाली कटौती 2 साल की वित्तीय वर्ष 2013-14 और FY 2014-15 के लिए ही उपलब्ध थी।

  • धारा 80EEA के तहत अतिरिक्त कटौती

बजट 2019 ने घर खरीदारों के लिए धारा 80EEA के तहत 1,50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती पेश की है। इस कटौती का दावा करने के लिए, संपत्ति का स्टाम्प मूल्य 45 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए और लोन (ऋण) 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच स्वीकृत किया गया हो। इसमें ये बात भी ध्यान देने वाली है लोन (ऋण) की मंजूरी की तारीख पर, व्यक्ति के पास कोई अन्य घर नहीं हो। अगर आपने 80EEA का बेनिफिट ले किया तो आप धारा 80EE के तहत डिडक्शन क्लेम करने के लिए पात्र नही रहोगे|

  •  संयुक्त गृह ऋण के लिए कटौती

यदि लोन (ऋण) संयुक्त रूप से लिया जाता है, तो प्रत्येक ऋण धारक अपने व्यक्तिगत टैक्स रिटर्न में 2 लाख रुपये तक के होम लोन (ऋण) इंटरेस्ट और 1.5 लाख रुपये प्रिंसिपल रीपेमेंट (मूल पुनर्भुगतान) अंडर सेक्शन 80C में कटौती का दावा कर सकते हैं। इस कटौती का दावा करने के लिए, उन्हें ऋण पर ली गई संपत्ति का सह-मालिक भी होना चाहिए। आपके परिवार के साथ संयुक्त रूप से लिया गया ऋण आपको एक बड़े कर लाभ का दावा करने में मदद कर सकता है।

Additional Reading – Home Loan Balance Transfer Kya Hai?

आज की पोस्ट में हमने Tax Benefits on Home loan in Hindi. समझा, आगे की पोस्ट में हम होम लोन से सम्बंधित और बहुत से टॉपिक डीस्कस करेंगे| जैसे कि Home Loan Interest Type (Fixed or Floating) in Hindi

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