What is RBI Retail Direct Scheme Hindi | RBI Retail Direct Scheme kya hai? | आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है?

by Rahul Gupta
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What is RBI Retail Direct Scheme Hindi

What is RBI Retail Direct Scheme Hindi, RBI Retail Direct Scheme kya hai? आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है?

What is RBI Retail Direct Scheme Hindi, आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है? – गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाने के निरंतर प्रयासों के तहत, RBI रिटेल डायरेक्ट सुविधा की घोषणा स्टेटमेंट ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी पॉलिसीस में 05 फ़रवरी २०२१ को  की गयी थी! इसका मुख्य उद्देश्य रिटेल इन्वेस्टर द्वारा आसानी से ऑनलाइन इस सेवा के माध्यम से गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्किट को एक्सेस करना है, ये मार्किट प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों हो सकते है! साथ ही इसमें RBI के साथ गिल्ट सिक्योरिटीज अकाउंट (‘Retail Direct’)  खोलने की सुविधा भी है!

इस घोषणा के अनुसरण में, ‘आरबीआई रिटेल डायरेक्ट’ योजना, जो व्यक्तिगत निवेशकों द्वारा गवर्मेंट सिक्योरिटीज में निवेश की सुविधा के लिए वन-स्टॉप समाधान है, उसका अनावरण प्रधानमंत्रीजी द्वारा 12 नवम्बर को की जाएगी।

रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है? (What is the Retail Direct Scheme?)

रिटेल डायरेक्ट स्कीम एक व्यापक योजना है जो एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्किट में रिटेल इन्वेस्टर को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करती है। यह एक निवेशक को निम्नलिखित करने की अनुमति देता है:

  • रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) अकाउंट खोलने और उसे मेन्टेन करने की अनमति देता है
  • आरडीजी खाते का उपयोग करके प्राइमरी मार्किट/प्राथमिक बाजार के माध्यम से गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश करने की अनुमति देता है
  • आरडीजी खाते का उपयोग करके सेकेंडरी मार्किट/द्वितीयक बाजार के माध्यम से गवर्नमेंट सिक्योरिटीज को खरीदें और बेचें।
  • एनडीएस-ओएम (NDS-OM) सेकेंडरी मार्किट में गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में व्यापार के लिए आरबीआई की स्क्रीन-आधारित, अनाम इलेक्ट्रॉनिक ऑर्डर मिलान प्रणाली है

आरबीआई रिटेल डायरेक्ट योजना की मुख्य विशेषताएं  (Highlights of the ‘RBI Retail Direct’ scheme)

आरबीआई रिटेल डायरेक्ट योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार से है –

  1. रिटेल इन्वेस्टर्स (व्यक्तियों) को आरबीआई के साथ “रिटेल डायरेक्ट गिल्ट अकाउंट” (आरडीजी खाता/ RDG Account) खोलने और उसे मेन्टेन रखने की सुविधा होगी।
  2. आरडीजी खाता/ RDG Account योजना के प्रयोजन के लिए प्रदान किए गए ‘ऑनलाइन पोर्टल’ के माध्यम से खोला जा सकता है।
  3. ऑनलाइन पोर्टल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को निम्नलिखित सुविधाएं देता है
    1. गवर्मेंट सिक्योरिटीज के प्राथमिक निर्गम तक पहुंच
    2. एनडीएस-ओएम तक पहुंच।

रिटेल इन्वेस्टर निम्नलिखित गवर्मेंट सिक्योरिटीज में निवेश कर सकते हैं (Retail investors can invest in following Government securities )

रिटेल डायरेक्ट गिल्ट अकाउंट के साथ, रिटेल इन्वेस्टर्स विभिन्न सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकते हैं जैसे:

  • भारत सरकार के ट्रेजरी बिल (टी-बिल)
  • भारत सरकार दिनांकित प्रतिभूतियाँ (एक दिनांकित सिक्योरिटी एक सरकारी सिक्योरिटीज होती है, जो आमतौर पर 5 से 40 वर्ष तक की अवधि के लिए होती है)
  • सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी/ SGBs)
  • स्टेट डेवलपमेंट लोन/राज्य विकास ऋण (विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जारी सिक्योरिटीज)

योजना का दायरा (Scope of the Scheme)

‘आरबीआई रिटेल डायरेक्ट’ एक व्यापक योजना है जो एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गवर्मेंट सिक्योरिटी बाजार में रिटेल इन्वेस्टर्स को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करती है-

  1. एक ‘रिटेल डायरेक्ट गिल्ट खाता’ (आरडीजी खाता) खोलें और बनाए रखें
  2. सरकार के प्राथमिक जारी करने तक पहुंच प्रतिभूतियां
  3. एनडीएस-ओएम तक पहुंच

पात्रता (Eligibility )

i) योजना के तहत परिभाषित रिटेल इन्वेस्टर स्कीम के तहत पंजीकरण कर सकते हैं और आरडीजी खाता/ RDG Account बनाए रख सकते हैं, यदि उनके पास निम्नलिखित हैं:

  1. भारत में एक बचत बैंक खाता
  2. स्थायी खाता संख्या (पैन)
  3. केवाईसी (आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता कार्ड, आदि) के लिए कोई आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज (ओवीडी)
  4. वैध ईमेल आईडी
  5. पंजीकृत मोबाइल नंबर

ii) विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत गवर्मेंट सिक्योरिटीज में निवेश करने के लिए पात्र अनिवासी रिटेल इन्वेस्टर स्कीम के तहत पात्र हैं।

iii) आरडीजी खाता/ RDG account एकल या संयुक्त रूप से किसी अन्य रिटेल इन्वेस्टर के साथ खोला जा सकता है जो पात्रता मानदंडों को पूरा करता है।

रिटेल इन्वेस्टर अकेले या संयुक्त रूप से आरडीजी खाता खोल सकते हैं।

रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) खाता खोलना (Opening an Retail Direct Gilt (RDG) account)

एक रिटेल इन्वेस्टर आरडीजी खाता खोलने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकता है:

  1. पंजीकरण फॉर्म भरकर ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करें।
  2. पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त होगा। फॉर्म को प्रमाणित और जमा करने के लिए ओटीपी का उपयोग करें।
  3. पंजीकरण के समय आवेदक को केवाईसी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
  4. सफल पंजीकरण पर, आरडीजी खाता खोला जाएगा, और ऑनलाइन पोर्टल एक्सेस विवरण उपयोगकर्ता को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी।

जैसा कि पहले चर्चा की गई थी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म रिटेल इन्वेस्टर्स को प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट्स के माध्यम से गवर्मेंट सिक्योरिटीज में भाग लेने की सुविधा देता है।

प्राइमरी मार्किट/प्राथमिक बाजार भागीदारी (Primary market participation)

एक रिटेल इन्वेस्टर निम्नलिखित तरीके से प्राथमिक बाजार के माध्यम से गवर्मेंट सिक्योरिटीज और एसजीबी के निर्गम में भाग ले सकता है:

  1. निवेशक को प्रतिभूतियों के लिए बोली जमा करनी होगी।
  2. प्रतिभूतियों के लिए भुगतान या तो नेटबैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से लिंक किए गए बैंक खाते से किया जा सकता है।
  3. पोर्टल पर बोली जमा करने के समय राशि डेबिट की जाएगी।
  4. आवंटित प्रतिभूतियों को सेटलमेंट के दिन निवेशक के आरडीजी खाते में जमा किया जाएगा।

गवर्मेंट सिक्योरिटीज की सेकेंडरी मार्किट के माध्यम से के खरीद और बिक्री (Buying and selling of Government securities through the secondary market)

यदि कोई रिटेल इन्वेस्टर पहले से जारी गवर्मेंट सिक्योरिटी खरीदना चाहता है, तो वे सेकेंडरी मार्किट के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। एक पंजीकृत निवेशक आरबीआई की एनडीएस-ओएम प्रणाली (NDS-OM system) के माध्यम से गवर्मेंट सिक्योरिटीज को खरीदने और बेचने के लिए सेकेंडरी मार्किट की मदद ले सकता है।

  • सेकेंडरी मार्किट से सिक्योरिटीज की खरीद: एक निवेशक को सिक्योरिटीज के लिए Buy order देना होगा और भुगतान करना होगा। खरीदी गई सिक्योरिटीज को सेटलमेंट के दिन निवेशक के आरडीजी खाते (RDG account) में जमा किया जाएगा।
  • सेकेंडरी मार्किट से सिक्योरिटीज की बिक्री: एक निवेशक को सिक्योरिटीज के लिए Sell Order देना होगा। आर्डर देने के समय सिक्योरिटीज को ब्लाक कर दिया जाता है। सेटलमेंट के दिन, सिक्योरिटीज को डेबिट कर दिया जाता है और सिक्योरिटीज की बिक्री के खिलाफ भुगतान निवेशक के लिंक किए गए बैंक खाते में जमा कर दिए जाते है।

रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (आरडीजी) खाते के लिए निवेशक सेवाएं (Investor services for Retail Direct Gilt (RDG) account)

प्राइमरी और सेकेंडरी मार्किट के माध्यम से गवर्मेंट सिक्योरिटीज को खरीदने और बेचने के अलावा, एक निवेशक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निम्नलिखित सेवाओं का लाभ उठा सकता है:

  • खाता विवरण (Account statement): एक निवेशक आरडीजी खाते में लॉग इन करके ट्रांसेक्शन हिस्ट्री और सिक्योरिटीज की होल्डिंग की जांच कर सकता है। निवेशक को सभी लेनदेन अलर्ट एसएमएस और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होंगे।
  • नामांकन सुविधा (Nomination facility): एक निवेशक नामांकन फॉर्म को निर्धारित फॉर्मेट में भर सकता है, उस पर विधिवत हस्ताक्षर कर उसे अपलोड कर सकता है। अधिकतम दो नॉमिनी नियुक्त किए जा सकते हैं। पंजीकृत निवेशक की मृत्यु की स्थिति में, आरडीजी खाते में उपलब्ध प्रतिभूतियों को मृत्यु प्रमाण पत्र और ट्रांसमिशन फॉर्म जमा करने पर नामांकित व्यक्ति के आरडीजी खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है।
  • गिरवी/ग्रहणाधिकार (Pledge/lien): आरडीजी खाते में रखी गई प्रतिभूतियां गिरवी/ ग्रहणाधिकार के लिए उपलब्ध होंती है। यह सेवा प्रतिभूतियों को कोलैटरल (collateral) के रूप में देकर ऋण लेने के लिए उपयोगी है।
  • उपहार लेनदेन (Gift transactions): एक रिटेल डायरेक्ट इन्वेस्टर के पास अन्य रिटेल डायरेक्ट इन्वेस्टर को गवर्मेंट सिक्योरिटीज को उपहार में देने की ऑनलाइन सुविधा होती है।
  • शिकायत निवारण (Grievance redressal): यदि किसी निवेशक के पास रिटेल डायरेक्ट स्कीम से संबंधित कोई प्रश्न या शिकायत है, तो वे इसे पोर्टल पर जा कर पूछ सकते हैं। प्रश्न/शिकायत को आरबीआई के सार्वजनिक ऋण कार्यालय, पीडीओ (Public Debt Office, PDO) द्वारा नियंत्रित/समाधान किया जाएगा।

शुल्क (Fee and charges)

  • आरबीआई के साथ ‘रिटेल डायरेक्ट गिल्ट अकाउंट’ खोलने और मेन्टेन रखने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • प्राथमिक नीलामी में बोली जमा करने के लिए एग्रीगेटर द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
  • भुगतान गेटवे आदि के लिए शुल्क, जैसा लागू हो, पंजीकृत निवेशक द्वारा वहन किया जाएगा।

आज हमने इस लेख (What is RBI Retail Direct Scheme Hindi) में देखा की  आर बी आई की रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है?

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