Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi | जाने SIP, STP, SWP को

by Neeti Jain
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Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi

Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi – दोस्तों हम आज हम SIP, एसटीपी और SWP के बारे में जानेंगे और उनका तुलनात्मक विश्लेषण भी करेंगे, जिससे आपको एक ही आर्टिकल में तीनो क्या होते है, इनके क्या लाभ है और तीनो में क्या अंतर है पता चल जाएगा। तो चलिए शुरू करते है।

SIP

SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) क्या है? What is SIP

एक व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) निवेश करने के लिए एक अनुशासित तरीका है जहां आप नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड योजना में एक निश्चित राशि का निवेश करते हैं। आप अपने वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर निवेश राशि, आवृत्ति और अवधि तय कर सकते हैं। यह अंतराल एक महीने हो सकता है, एक तिमाही में हो सकता है।

एसआईपी भारतीय म्यूच्यूअल फंड निवेशकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल कर रहा है, क्योंकि यह बाजार की अस्थिरता (वोलेटिलिटी) और मार्किट के टाइमिंग की चिंता किए बिना अनुशासित तरीके से निवेश करने में मदद करता है। म्यूचुअल फंड्स द्वारा प्रस्तावित सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान निवेश की दुनिया में प्रवेश करने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है।

एसआईपी कैसे काम करता है? How SIP works

SIP का मूल विचार सरल और सीधा है। आप बाजार की स्थितियों की परवाह किए बिना नियमित रूप से म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। एसआईपी रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि बाजार के कम होने पर आप अधिक फंड यूनिट और बाजार के बढ़ने पर कम यूनिट खरीदें।

No. of units = (Investment amount/NAV of the fund)

जब आप SIP के माध्यम से निवेश करते हैं तो आपको अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट कैसे आवंटित की जाती हैं सबसे पहले हम वो समझते है –

इकाइयों की संख्या = (निवेश राशि /एनएवी)   OR   No. of units = (Investment amount / NAV of the fund) 

मान लीजिये कि आप हर महीने रुपये 5000 का निवेश करते हैं। अब हम दो स्थितियों के माध्यम से इस समझाने का प्रयास करेंगे।

केस 1 – मान लेते है फंड का एनएवी/NAV रु 25, तो इस केस में हमारे पास कुल 200 होगी

यूनिट्स की संख्या  = 5,000/25 = 200

केस 2 – इसमें हम मान लेते है फंड का एनएवी/NAV रु 20, तो इस केस में हमारे पास कुल 250 होगी

यूनिट्स की संख्या  = 5,000/20 = 250

केस कोई भी हो दोनों ही  स्थिति में फायदा आपका ही होगा। आप ऊपर देख रहे है कि जब मार्किट में मंदी होती है तो आप अधिक यूनिट खरीद पा रहे हैं, और जब बाजार वापसी कर रहा होगा तो आपके निवेश का मूल्य मार्किट के  बढ़ने के साथ बढेगा।

रिडेम्पशन के समय, आपके सभी फंड यूनिट्स का मूल्य समान होगा। फर्क सिर्फ इतना होगा कि कुछ यूनिट्स आपके पास कम कीमत की होगी और  कुछ अन्य को आपने अधिक कीमत पर खरीदा होगा। लंबी अवधि में, आपकी कुल लागत औसत हो जाती है। इसे ही रुपया लागत औसत (rupee cost averaging) के रूप में जाना जाता है।

जब आप एसआईपी में निवेश करते हैं, तो अपने बैंक बैलेंस को नुकसान पहुंचाए बिना,  नियमित रूप से निवेश सुनिश्चित करें। अपने लाभों को अधिकतम करने में मदद करने के लिए लंबी अवधि के लिए और विभिन्न बाजार चक्रों में निवेश करना महत्वपूर्ण है। हम पढ़ रहे है Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi

SIP में निवेश के लाभ? Benefits of SIP

1. कोई भी निवेश कर सकता है/Anybody can invest into SIP – SIP को समझना आसान है और इसमें कोई भी निवेश कर सकता है। एसआईपी निवेश के लिए गहन विश्लेषण या बाजार अनुसंधान की आवश्यकता नहीं होती है। आपको बाजार के प्रदर्शन को सक्रिय रूप से ट्रैक करने की भी आवश्यकता नहीं है। अपने लक्ष्यों से मेल खाने वाले फंड की पहचान करें और निवेश जारी रखें। इस तरह, आप मार्केट टाइमिंग और अन्य अनिश्चित रणनीतियों से बच पाएंगे।

2. निवेश और निगरानी में आसान/Easy to invest and monitor–  हर महीने निवेश करने के लिए आपको अपने शेड्यूल में से समय निकाल कर अलग से नहीं लगाना पड़ता है। एक बार जब आप अपनी पसंद के फंड की पहचान कर लेते हैं और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लेते हैं, तो आप अपने बैंक खाते को हर महीने एक निश्चित राशि को फंड में ट्रांसफर करने के लिए एक स्थायी निर्देश (standing instruction) दे सकते हैं। आप सीधे अपने स्मार्टफोन पर फंड के प्रदर्शन की निगरानी कर सकते हैं। फंड हाउस आपके सत्यापित ई-मेल खाते पर आवधिक विवरण (periodic statements ) भी भेजता है।

3. कंपाउंडिंग की शक्ति/Power of Compounding – कंपाउंडिंग की शक्ति हीएसआईपी के माध्यम से निवेश का प्रमुख लाभ है। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी वित्तीय प्रतिफल (रिटर्न) स्वयं ही प्रतिफल (रिटर्न) अर्जित करें। इस तरह, आप लगातार निवेश के माध्यम से महत्वपूर्ण और बड़ा कोष हासिल करने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं तो यह और भी बेहतर तरीके से काम करता है। इसलिए, जल्दी निवेश करना शुरू करें जो आपके निवेश रिटर्न को अधिकतम करने में मदद कर सकता है।

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STP

एसटीपी (सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान) क्या है? What is STP

एक व्यवस्थित स्थानांतरण योजना (या एसटीपी) आपको अपने निवेश को एक म्यूचुअल फंड योजना से दूसरी में स्थानांतरित करने का विकल्प देती है। यह उसी फंड हाउस की योजनाओं के लिए संभव है। यदि आप इसे तोड़ते हैं, तो एसटीपी वास्तव में एसआईपी का दूसरा रूप है। लेकिन आप अपने बैंक खाते से म्यूचुअल फंड में पैसे ट्रांसफर करने के बजाय नियमित रूप से एक फंड से दूसरे फंड में ट्रांसफर करते हैं।

एसटीपी कैसे काम करता है? How STP works

एसटीपी शुरू करने के लिए, आपको दो फंड चुनने होंगे –

  1. वह फंड जिससे पैसा ट्रांसफर किया जाता है और
  2. वह फंड जिसमें पैसा ट्रांसफर किया जाना है

इसके बाद, आप चुन सकते हैं कि आप स्थानांतरण मासिक या त्रैमासिक आदि करना चाहते हैं।

सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान आमतौर पर तीन प्रकार के होते हैं –

  1. फिक्स्ड एसटीपी/Fixed STP –  आप एक निश्चित राशि को एक फंड से दूसरे फंड में ट्रांसफर कर सकते हैं।
  2. कैपिटल एप्रिसिएशन प्लान/Capital Appreciation plan – आप केवल एक फंड के प्रॉफिट को दूसरे फंड में ट्रांसफर कर सकते हैं।
  3. लचीली योजना/Flexible plan – आप एक परिवर्तनीय राशि स्थानांतरित कर सकते हैं। इसमें एक निश्चित राशि शामिल है जो हस्तांतरित की जाने वाली न्यूनतम राशि है, और एक परिवर्तनीय राशि जो बाजार की अस्थिरता पर निर्भर करती है।

एसटीपी एक अच्छी निवेश रणनीति हो सकती है यदि आपके पास इक्विटी में निवेश करने के लिए बड़ी राशि है लेकिन इसे धीरे-धीरे करना चाहते हैं। इसलिए, आप किसी इक्विटी फंड में एकमुश्त राशि डालने के बजाय, पहले राशि को लिक्विड फंड में निवेश कर सकते हैं। यह एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है क्योंकि लिक्विड फंड कम जोखिम के साथ आते हैं। हम पढ़ रहे है Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi

इसके बाद, आप एसआईपी की तरह एक निश्चित राशि को इक्विटी फंड में ट्रांसफर कर सकते हैं। यहां, आप लिक्विड फंड पर भी संभावित रिटर्न अर्जित कर सकते हैं।

STP में निवेश के लाभ?

1. उच्च रिटर्न/Scope for Higher Returns – जब आप एसटीपी का विकल्प चुनते हैं, तो आप इसके माध्यम से उच्च रिटर्न उत्पन्न कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि एसटीपी शुरू में आपके पैसो को एक लिक्विड फंड की तरह डेट फंड में एकमुश्त निवेश करता है। और जैसा की हम जानते है लिक्विड फंड अपने सुरक्षित रिटर्न देने के लिए जाने जाते है। जहाँ  आप  सेविंग्स अकाउंट में 4% रिटर्न मिलता है वही लिक्विड फंड 7% -9% की सीमा में रिटर्न देने के लिए जाने जाते हैं।

2. स्थिर रिटर्न अर्जित करना/Earning Steady Returns – एसटीपी के जरिए किया गया रिटर्न काफी भरोसेमंद होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप शुरू में डेट फंड में निवेश करते है और फिर आप धीरे धीरे एसटीपी के माध्यम से थोडा थोडा amount इक्विटी में ट्रान्सफर करते जाते हो, लेकिन जब तक आप पूरी राशि ट्रांसफर नहीं करते हैं, तब तक सोर्स फंड (डेट फंड) में रखा आपका बचा हुआ पैसा आपको ब्याज कमा के देते रहता है।

3. जोखिम प्रबंधन/Risk Management – एक एसटीपी का उपयोग रिस्की (इक्विटी) स्कीम से कम रिस्की (डेट) स्कीम में जाने के लिए भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए, आपने रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इक्विटी फंड में 30 साल के लिए SIP शुरू किया है। जैसे ही आप अपनी रिटायरमेंट के करीब पहुंचते हैं,  और आपको लगता है कि रिस्क हो सकता तो आप अपने पैसो के नुकसान को रोकने के लिए एक एसटीपी शुरू कर सकते हैं। यहां आप फंड हाउस को इक्विटी फंड से एक निश्चित राशि को डेट फंड में ट्रांसफर करने का निर्देश देंगे हैं। इस तरह, जब आप रिटायर होंगे, तब तक आप अपने पैसो को सुरक्षित ठिकाने में ट्रान्सफर कर चुके होंगे।

4. रुपया लागत औसत/Rupee Cost Averaging – सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान की मदद से आप अपने निवेश को एवरेज कर सकते है, जिसमे आप जब nav अपने उच्च स्तर पर है तो आप कम यूनिट खरीदेंगे और वही ज्यादा यूनिट लेंगे जब NAV कम स्तर पर हो। जैसे-जैसे आपका पैसा एक फंड से दूसरे फंड में ट्रांसफर होता जाएगा, फंड मैनेजर व्यवस्थित रूप से अतिरिक्त यूनिट्स की खरीदारी करता रहेगा। इसलिए, आपको rupee cost averaging (रुपये की औसत लागत) का लाभ मिलेगा, यानी निवेश की per unit cost (प्रति इकाई लागत) धीरे-धीरे कम होती जाएगी।

SWP

SWP (सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान) क्या है?

सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (या एसडब्ल्यूपी) एक रिडेम्पशन प्लान है जो आपको नियमित अंतराल पर अपने फंड से एक निश्चित राशि निकालने की अनुमति देता है। आप इसे एसआईपी के बिल्कुल विपरीत मान सकते हैं क्योंकि अगर एसआईपी एक निवेश योजना है, तो एसडब्ल्यूपी एक निकासी योजना है। हम पढ़ रहे है Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi

एसडब्ल्यूपी कैसे काम करता है?

एसआईपी में, आप समय-समय पर छोटी राशि का निवेश करते हैं और बाद की तारीख मतलब  भविष्य में यह छोटी छोटी राशि बन जाती है और आपकी SIP वह समाप्त हो जाती है (आप उसे निरंतर भी रख सकते हो) । इसके विपरीत एसडब्ल्यूपी में आप शुरुआत में एक बड़ा कोष निवेश करते हैं। उसके बाद, आप नियमित रूप से फंड से एक निश्चित राशि को भुनाते या redeem कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, कल्पना कीजिए कि आप डेट म्यूचुअल फंड में 10 लाख रुपये का निवेश करते हैं। आप फंड हाउस को  हर महीने 10,000 रुपये निकालने का निर्देश देते हैं। फंड इस राशि को नियमित रूप से तब तक स्थानांतरित करता है जब तक कि मूल्य शून्य न हो जाए। यह नियमित आय अर्जित करने का एक सुविधाजनक तरीका है। कोई भी एसडब्ल्यूपी का विकल्प चुन सकता है; यह सेवानिवृत्त लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है जो अपने कोष का निवेश करना चाहते हैं और हर महीने एक निश्चित आय भी प्राप्त करना चाहते हैं।

आपकी आवश्यकताओं के आधार पर, आपके पास एक निश्चित राशि, निश्चित संख्या में इकाइयों या एक निश्चित आधार स्तर से ऊपर के सभी रिटर्न को भुनाने का विकल्प होता है।

SWP में निवेश के लाभ?

निश्चित आय/Fixed Income – एक एसडब्ल्यूपी एक निवेशक को एक निश्चित आवधिक राशि प्राप्त करने में मदद करता है जो उसे उसकी सेवानिवृत्ति के वर्षों में एक स्थिर आय प्राप्त करने या उसके बच्चे के शैक्षिक खर्चों का प्रबंधन करने में मदद कर सकता है।

कर दक्षता/Tax Efficiency – SWP के माध्यम से की गई प्रत्येक निकासी को पूंजी और आय का संयोजन माना जाता है। टैक्स/कर केवल आय घटक पर देय है न कि पूंजी घटक पर।

एसआईपी, एसटीपी एवं एसडब्ल्यूपी की तुलना (Comparison SIP, STP and SWP)

विवरण SIP STP SWP
निवेश, ट्रान्सफर एवं विद्ड्राल SIP के मामले में आपका पैसा म्यूच्यूअल फंड स्कीम की स्कीम में निश्चित अंतराल में छोटे छोटे अमाउंट के साथ निवेश किया जाता है।सिप` STP में आपका निवेशित धन एक स्कीम से दूसरी स्कीम में एक निच्शित अंतराल में ट्रान्सफर किया जाता है SWP में आपका निवेशित धन को एक निच्शित अंतराल में विद्ड्राल या निकाला जाता है
उपयुक्तता उन निवेशको के लिए उपयुक्त है जो अपनी नियमित तनख्वाह से पैसा बचा कर निवेश करते है उन निवेशको के लिए उपयुक्त है जो अपनी नियमित तनख्वाह से पैसा बचा कर डेट फंड में एकमुश्त निवेश करते है उन निवेशको के लिए उपयुक्त है एकमुश्त निवेश करते है और फिर उसे धीरे धीरे अपनी जरूरतों के हिसाब से निकालते है
टैक्स इसमें टैक्स नही लगता है क्यूंकि आप इसमें अपना पैसा निवेश कर रहे है इसमें टैक्स/कर लागू होता है क्योंकि हस्तांतरित धन को redeem माना जाता है।

इसमें टैक्स/कर लागू होता है क्योंकि प्रत्येक निकासी को redeem माना जाता है।

लाभ

कंपाउंडिंग की शक्ति (Power of Compounding), रुपया लागत औसत (Rupee cost Averaging), अनुशासित निवेश दृष्टिकोण।

लगातार रिटर्न, पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन, लागत का औसत (Averaging of cost)।

नियमित प्रवाह आय बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाती है।

आज हमने देखा कि Know and Compare SIP, STP, SWP in Hindi, आगे हम म्यूच्यूअल फंड के और भी रोचक टॉपिक आपके लिए लाते रहेंगे । आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमे बताएं। हमे आपके सुझाव एवं कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। बने रहिये apneebachat.com पर।

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