7 Types of ITR forms in Hindi

by Rahul Gupta
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7 Types of ITR forms in Hindi

7 Types of ITR forms in Hindi

7 Types of ITR forms in Hindi – साल का ये समय सभी नौकरी पेशा/बिज़नेस करने वाले लोगो के लिए टैक्स के हिसाब से अहम् समय होता है, सभी लोग अपने टैक्स फाइल करने के लिए विभिन्न प्रकार की डॉक्यूमेंट जुटाने में लगे रहते है। और इन्ही दस्तावेजो के साथ हमे अपना ITR फॉर्म भी भरना होता है। लेकिन विभिन्न ITR फॉर्म में से कौन सा फॉर्म भरना है इसको लेकर संशय होता है, तो चलिए आज की पोस्ट में हम जानेंगे की कौन कौन से प्रकार के ITR फॉर्म होते है, और वो किन लोगो के लिए है और किन के लिए नही है।

जैसा की आप जानते ही होंगे कि ITR का मतलब इनकम टैक्स रिटर्न है। आयकर अधिनियम, 1961 सभी आईटीआर फॉर्म्स और प्रोसीजर/प्रक्रियाओं का पालन करवाता है।

ITR Form क्या है?

What is ITR? – आयकर रिटर्न (ITR) एक form है जिसमें टैक्सपेयर्स/करदाता अपनी आय और उस पर उस वित्त वर्ष पर लगने वाले कर के बारे में जानकारी होती हैं। इनकम टैक्स विभाग ने अब तक 7 विभिन्न ITR फॉर्म्स टैक्सपेयर्स के लिए बताये है – ITR 1, ITR 2, ITR 3, ITR 4, ITR 5, ITR 6 और ITR 7 ।

प्रत्येक करदाता को निर्धारित नियत तिथि पर या उससे पहले अपना आईटीआर दाखिल करना चाहिए। आईटीआर फॉर्म की जरुरत करदाता की आय के स्रोतों, आय की राशि और करदाता की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग व्यक्तियों, HUF/एचयूएफ, कंपनी, आदि के आधार पर भिन्न- भिन्न होती है।

ITR क्यों भरना चाहिए?

Why should you file ITR? – भारत में आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करना अनिवार्य है, यदि नीचे दी गई कोई भी शर्त आपके लिए लागू हो:

1. यदि आपकी सकल वार्षिक आय नीचे दी गई मूल छूट सीमा से अधिक है –

विवरण अमाउंट
60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए 2.5 लाख रुपये
60 वर्ष से अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम के व्यक्तियों के लिए 3 लाख रुपये
80 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों के लिए 5 लाख रुपये

2. यदि आपके पास आय का एक से अधिक स्रोत है जैसे गृह संपत्ति, पूंजीगत लाभ आदि।

3. यदि आप विभाग से आयकर वापसी का दावा करना चाहते हैं।

4. यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान विदेशी संपत्ति में निवेश किया है या किया है।

5. अगर आप वीजा या लोन के लिए आवेदन करना चाहते हैं

6. यदि करदाता कंपनी या फर्म है, भले ही लाभ या हानि हो।

आप पढ़ रहे है – Types of ITR forms in Hindi

कौन सा ITR फॉर्म फाइल करना चाहिए?

Which ITR to file? – निम्नलिखित जानकारी आपको यह पता लगाने में मदद करेगी कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आपको कौन से प्रकार के आयकर रिटर्न फॉर्म की जरुरत होगी।

ITR-1 या सहज/SAHAJ

यह रिटर्न फॉर्म एक निवासी व्यक्ति के लिए है जिसकी कुल आय assessment/आकलन वर्ष 2020-21 के लिए निम्नलिखित में से हो-

  • वेतन / पेंशन से आय; या
  • एक हाउस प्रॉपर्टी से आय (उन मामलों को छोड़कर जहां पिछले वर्षों से नुकसान को इस वर्ष में जोड़ा गया है); या
  • अन्य स्रोतों से आय (लॉटरी से जीत हुए पैसो और हॉर्स रेस से हुई आय को छोड़कर)
  • कृषि आय रु 5000 तक

ITR 1 फॉर्म का उपयोग कौन नहीं कर सकता है?

  • जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है
  • जो 5000 रुपये से अधिक कृषि से आय करते हो
  • यदि आपके पास कर योग्य capital gain है
  • यदि आपकी बिज़नेस या profession से आय है
  • एक से अधिक घर की संपत्ति से आय होना
  • यदि आप किसी कंपनी में निदेशक हैं
  • यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया है
  • भारत के बाहर की संपत्ति (किसी इकाई में वित्तीय ब्याज सहित)
  • विदेशी संपत्ति या विदेशी आय होना
  • यदि आप किसी अन्य व्यक्ति की आय के संबंध में आकलन कर रहे हैं, जिसके संबंध में दूसरे व्यक्ति से कर वसूला जा रहा है।
ITR-2

एक व्यक्ति या एक हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के उपयोग के लिए है जिसकी कुल आय 2020 2021 के लिए निम्न में से है-

  • वेतन / पेंशन से आय; या
  • घर की संपत्ति से आय; या
  • अन्य स्रोतों से आय (लॉटरी से जीत हुए पैसो और हॉर्स रेस से हुई आय को छोड़कर) (कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक होनी चाहिए)
  • यदि आप किसी कंपनी में इंडिविजुअल डायरेक्टर हैं
  • यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया है
  • एक निवासी होने के नाते सामान्य रूप से निवासी (आरएनओआर) और गैर-निवासी नहीं हैं
  • पूंजीगत लाभ से आय; या
  • विदेशी संपत्ति / विदेशी आय
  • कृषि आय 5,000 रुपये से अधिक

इसके अलावा इस रिटर्न फॉर्म का उपयोग ऐसे मामले में जहां किसी अन्य व्यक्ति की आय जैसे पति, पत्नी, बच्चे आदि की आय कर देने वाले की आय के साथ जोड़ा जाना है और जहां इस तरह की आय उपरोक्त श्रेणियों में से किसी में आती है।

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कौन ITR-2 फॉर्म का उपयोग नही कर सकता

Who cannot use this ITR-2 Return Form – जो इस रिटर्न फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते हैंइस रिटर्न फॉर्म का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा नहीं किया जाना चाहिए, जिनकी 2020-21 की कुल इनकम में बिज़नेस और profession से होने वाली इनकम शामिल है। इस प्रकार की आय घोषित करने के लिए, आपको ITR-3 या ITR-4 फॉर्म का उपयोग करना होगा ।

ITR-3

वर्तमान ITR3 फॉर्म का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किया जाता है, जिनके पास proprietary business  (मालिकाना व्यवसाय) से या profession से इनकम शामिल । निम्नलिखित स्रोतों से इनकम करने वाले व्यक्ति ITR 3 फाइल करने के लिए eligible पात्र हैं:

  • जो अपना खुद का बिज़नेस या profession चला रहे है
  • यदि आप किसी कंपनी में इंडिविजुअल डायरेक्टर हैं
  • यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया है
  • रिटर्न में घर की संपत्ति, वेतन / पेंशन और अन्य स्रोतों से आय शामिल हो
  • फर्म में भागीदार के रूप में आपकी आय हो
ITR-4 Sugam/सुगम

वर्तमान आईटीआर 4 व्यक्तियों और एचयूएफ, Partnership firms (एलएलपी के अलावा) पर लागू होता है जो की भारत के निवासी है और जो बिज़नेस या profession से इनकम प्राप्त करते है। इसमें उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने आयकर अधिनियम की धारा 44AD, धारा 44ADA और धारा 44AE के अनुसार अनुमानित आय योजना का विकल्प चुना है। हालांकि, यदि कारोबार का टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से अधिक है, तो करदाता को आईटीआर -3 दाखिल करना होगा।

कौन ITR-4 फॉर्म का उपयोग नही कर सकता

Who cannot use this ITR-2 Return Form  – निम्नलिखित को अगर आप पूरा करते हो तो –

  • यदि आपकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है
  • एक से अधिक घर की संपत्ति से आय होना
  • यदि आपक पिछली किसी नुकसान या हानि है को रिटर्न में शामिल करने वाले है
  • यदि आप किसी विदेशी संपत्ति के मालिक हो
  • यदि आपके पास भारत के बाहर स्थित किसी अकाउंट में साइनिंग की अथॉरिटी का अधिकार है
  • भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय होना
  • यदि आप किसी कंपनी में निदेशक हैं
  • यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया है
  • एक निवासी होने के नाते सामान्य रूप से निवासी (आरएनओआर) और गैर-निवासी नहीं हैं
  • विदेशी संपत्ति या विदेशी आय होना
  • यदि आप किसी अन्य व्यक्ति की आय के संबंध में आकलन कर रहे हैं, जिसके संबंध में दूसरे व्यक्ति से कर वसूला जा रहा है।

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What is Income Tax Return in Hindi
House Rent Allowance (HRA), Bachaye Tax aur Badhaye Income

ITR-5

आईटीआर 5 फॉर्म फर्मों, LLP/एलएलपी (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप), AOP (एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स), BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स), आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (AJP), मृतक की संपत्ति, दिवालिया होने की संपत्ति, बिजनेस ट्रस्ट और निवेश कोष के लिए है।

ITR-6

आईटीआर -6धारा 11 के तहत छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों के लिए (धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए रखी गई संपत्ति से आय), यह रिटर्न केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप से दायर किया जाना है।

आप पढ़ रहे है – 7 Types of ITR forms in Hindi

ITR-7

यदि फर्म, कंपनियां, लोकल अथोरिटी (स्थानीय प्राधिकरण), एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन AOP (व्यक्ति संघ (एओपी)) और Artificial Judiciary Person (कृत्रिम न्यायपालिका व्यक्ति) निम्नलिखित श्रेणियों में से एक के रूप में छूट का दावा कर रहे हैं तो वह आईटीआर -7 फॉर्म के माध्यम से आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पात्र हैं –

धारा 139 (4A) के तहत – यदि वे एक धर्मार्थ / धार्मिक ट्रस्ट से आय करते हैं

धारा 139 (4B) के तहत – यदि वे किसी राजनीतिक दल से आय करते हैं

धारा 139 (4C) के तहत रिटर्न हर दाखिल करने के लिए आवश्यक है –

  • वैज्ञानिक अनुसंधान संघ
  • समाचार एजेंसी
  • धारा 10 (23 ए) में निर्दिष्ट एसोसिएशन या संस्था;
  • धारा 10 (23B) में उल्लिखित संस्थान
  • फंड या संस्थान या विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान।

धारा 139 (4D) के तहत – यदि वे विश्वविद्यालय या कॉलेज या संस्थान या खादी और ग्रामोद्योग से आय करते हैं

धारा 139 (4E) के तहत रिटर्न हर व्यवसाय ट्रस्ट द्वारा दायर किया जाना चाहिए जो इस खंड के किसी अन्य प्रावधान के तहत आय या हानि की वापसी प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक नहीं है।

धारा 115 यूई में उल्लिखित किसी भी निवेश कोष द्वारा धारा 139 (4F) के तहत रिटर्न दाखिल किया जाना चाहिए। इस खंड के किसी अन्य प्रावधान के तहत आय या हानि की वापसी प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।

तो आज हमने टैक्स श्रंखला के आर्टिकल में देखा की कितने प्रकार के ITR Forms होते है (7 Types of ITR forms in Hindi), और कौन इन्हें उपयोग कर सकता है, हम आगे भी ऐसे महत्वपूर्ण आर्टिकल ले कर आते रहेंगे, तब तक आप बने रहे हमारे साथ अपनीबचत पर।

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