11 reason to sell mutual fund investment in Hindi | कब बेचें अपने म्यूच्यूअल फंड निवेश को?

by Rahul Gupta
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11 reason to sell mutual fund investment in Hindi

11 reason to sell mutual fund investment in Hindi, When to exit from mutual fund investment, कब बेचें अपने म्यूच्यूअल फंड निवेश को?

11 reason to sell mutual fund investment in Hindi/When to exit from mutual fund investment – जैसे कि हम सब जानते है कि निवेश के साथ कुछ न कुछ जोखिम जरूर होता है। अगर निवेशकों को ये पता है कि म्यूचुअल फंड को कब खरीदना है और कब बेचना है, तो उन्हें अपने फंड का सही चुनाव करने में मदद मिल सकती है। जैसा कि हम जानते है की म्यूच्यूअल फंड रूपी कास्ट एवरेजिंग के सिद्धांत पर काम करता है जिसका मुख्य उद्देश्य आपके निवेश पर जोखिम को कम करना है जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके।

किसी भी वित्तीय साधन में निवेश करने से पहले उसके बारे में अच्छे जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए। ठीक वैसे ही म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले उसके रिव्यु, मौजूदा और ऐतिहासिक प्रदर्शन वगेरह सब अच्छे से पता कर लेना चाहिए। अगर आप वास्तव में म्यूचुअल फंड से लाभ प्राप्त करना चाहते है  तो आपको एक दीर्घकालिक निवेशक होना चाहिए। अल्पकालिक उद्देश्य में कोई गारंटी नही है रिटर्न की, हो सकता है आपको अच्छा रिटर्न मिले, ये भी हो सकता है उस समय आपका पैसा उतना रिटर्न नही दे पायें जितना आपने सोचा था।

फंड किसी भी अन्य निवेश की तरह ही परिवर्तन के अधीन हैं। कभी-कभी, उनका प्रदर्शन गिर जाता है, कभी फंड के फंड मेनेजर उस फंड का साथ छोड़ देते हैं, या उनकी रणनीति बदल जाती है। इसलिए समय-समय पर फंड की निगरानी करनी चाहिए।

क्या आप आपको पता है म्यूचुअल फंड को बेचने का सही समय कब होता हैं या कब नहीं? अगर आपके पास ऐसे सवालों के जवाब नहीं हैं, तो आप इस पोस्ट को एक गाइड के रूप में ले सकते हैं और म्यूचुअल फंड निवेश और बिक्री के संबंध में समझदारी से निर्णय ले सकते हैं।

 फंड परिप्रेक्ष्य (Fund Perspective)

म्युचुअल फंड खरीदने के लिए काफी रिसर्च की जाती है। एक निवेशक आमतौर पर अपने निवेश लक्ष्यों को उस फंड के लक्ष्यों के साथ जोड़ कर देखता है या यूँ बोल सकते है वो अपने लक्ष्यों को फंड के लक्ष्यों के साथ संरेखित करता है जिसमें वह निवेश करता है।

जब फंड के उद्देश्य बदल जाते हैं, तो हो सकता है कि निवेशक इससे समान मूल्य प्राप्त करने या निवेश के माध्यम से अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम न हो। तब एक निवेशक अपने फंड को बेचने के बारे में सोच सकता है।

फंड रणनीति में बदलाव (Changes in the Fund Strategy)

यदि आपने अपने वित्तीय लक्ष्य के लिए अपने फंड को रणनीतिक बनाया है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप लगातार अपने फंड की परफॉरमेंस की जांच करते रहें। फंड की रणनीति आपके अनुरूप होनी चाहिए।

यदि आप देखते हैं कि फंड मैनेजर ने निवेश के उद्देश्य को बदल दिया है और वित्तीय साधनों में निवेश कर रहा है जो आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप नहीं है, तो यह आपके लिए फंड में निवेश पर पुनर्विचार करने का समय है।

म्यूचुअल फंड आमतौर पर निवेशकों को सूचित करते हैं यदि वे अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करते हैं। यदि आप देखते हैं कि एक निश्चित क्षेत्र में वेटेज आपकी जोखिम लेने की क्षमता से अधिक बढ़ रहा है, तो फंड को बेचना बेहतर है।

दो प्राथमिक कारक हैं जिनसे आपको अवगत होना चाहिए:

एक म्यूचुअल फंड को आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार विभिन्न वित्तीय साधनों में विविध निवेश जारी रखनी चाहिए।

जब रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हों तो इसे स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए।

यदि आप इनमें से किसी भी कारक में कोई बदलाव देखते हैं, तो आपको अपने म्यूचुअल फंड निवेश को ध्यान से देखना चाहिए कि क्या कोई प्रवृत्ति या ट्रेंड है जो आपको पसंद नहीं है। यदि आप वर्तमान में किए जा रहे निवेश से खुश नहीं हैं तो आपको फंड बेचने पर विचार करना चाहिए।

कुछ फंड नए तरीके से फंड की मार्केटिंग करने या नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए समय के साथ अपना नाम बदल लेते हैं। कभी-कभी, जब नाम बदलता है, तो फंड की रणनीति भी बदल जाती है। ऐसे जो भी बदलाव है उन पर नजर रखें।

फंड का लगातार खराब प्रदर्शन (Consistent poor performance or under performs of the fund)

यह आसानी से पहचाना नहीं जा सकेगा। कभी-कभी, म्यूचुअल फंड कम प्रदर्शन की छोटी अवधि का अनुभव करते होते हैं, लेकिन ये सब एक छोटी अवधि के लिए होता है, लेकिन लंबी अवधि के अच्छे परफॉरमेंस में  इसे कवर कर लिया जाता है।

इंडेक्स को ट्रैक करने वाले या बेंचमार्क की नकल करने वाले फंड आमतौर पर इंडेक्स में होने वाले बदलावों के साथ अपने प्रदर्शन में भी बदलाव देखते हैं जिनका अनुसरण वो कर रहे होते है। लेकिन सक्रिय रूप से प्रबंधित फंड जो निवेश के संबंध में फंड मैनेजर के फैसले पर निर्भर करते हैं, वे तब भी खराब प्रदर्शन कर सकते हैं, जब उसी प्रकार के अन्य फंड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों।

यदि आपके फंड ने काफी समय से आपकी संतुष्टि के अनुसार प्रदर्शन किया है और यदि आप अचानक उस फंड की कम प्रदर्शन की अवधि देखते हैं, तो संभावना है कि यह एक बार फिर गति प्राप्त करेगा और अपने अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार होगा।

लेकिन जब कोई फंड बिना किसी सुधार के लगातार खराब प्रदर्शन करता है, तो यह सही समय है कि आप इन होल्डिंग्स को लिक्विड करें और बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड में निवेश करें।

इस आर्टिकल में आप देख रहे है – 11 reason to sell mutual fund investment in Hindi

जब निवेश शैली बदल जाएँ (Changes in Investment Style)

यह फंड मैनेजर पर आधारित है। कभी-कभी, आप निवेश की शैली में बदलाव देखते जिसके कारण फंड उतना अच्छा परफॉर्म नही करता और उस फंड के द्वारा कम रिटर्न मिलता है। फंड मैनेजर के उस फंड से बाहर निकलने के बाद कभी कभी या प्राय: ये देखा गया है फंड की स्टार रेटिंग प्रभावित हुई है या उसकी रैंकिंग गिर गयी है। ऐसे बदलावों के प्रति सचेत व सावधान रहें। जब सक्रिय रूप से प्रबंधित फंड (actively managed funds) की बात आती है, तो फंड मैनेजर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कभी-कभी, निवेशकों के लिए फंड मैनेजर में बदलाव अच्छा भी साबित होता है क्योंकि नया मैनेजर अपने फंड को बेहतर तरीके से आवंटित करने में सक्षम होता है, जिससे फंड का परफॉरमेंस सुधर भी जाता है।

लेकिन अन्य मामलों में, जब एक विवेकपूर्ण फंड मैनेजर फंड का प्रबंधन किसी भी कारण से छोड़ देता है और एक नया व्यक्ति ऐसी शैली में निवेश करता है, जो निवेशक के साथ सहज नहीं है, तो यह आपके फंड के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

जब फंड मैनेजर बदलता है तो अपने म्यूचुअल फंड बेचें लेकिन सुनिश्चित करें कि बदलाव का आपके निवेश पर हानिकारक प्रभाव न पड़े। निष्क्रिय रूप से प्रबंधित फंड (Passively managed funds) में ऐसी समस्या से नही होती हैं।

जब फंड का आकार बहुत बढ़  जाएँ (Increase in Asset Size)

When the Fund Size Increases Enormously – कई लोकप्रिय फंड तेजी से बढ़ते हैं क्यूंकि उनके परफॉरमेंस और उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें अधिकतम निवेशकों द्वारा चुना जाता है। जब ये फंड बड़े आकार में बढ़ जाते हैं, तो फंड मैनेजरों के लिए इसे वांछित वित्तीय साधनों के लिए प्रभावी ढंग से आवंटित या allocate करना मुश्किल हो सकता है।

यह आमतौर पर उन फंडों के लिए एक समस्या है जो छोटी या मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करने पर अपने फंड को केंद्रित करते हैं। यदि कोई फंड ऐसी कंपनियों में भारी मात्रा में निवेश करना शुरू कर देता है, तो आमतौर पर यह देखा जाता है कि ऐसी कंपनियों के शेयरों की कीमत में तेजी से वृद्धि करती हैं।

ये भी पढ़े – म्यूच्यूअल फंड क्या है, ये कैसे काम करता है?
म्यूच्यूअल फंड सीरीज पढ़ने के लिए क्लिक करें

जब आपका लक्ष्य प्राप्त हो गया हो (When Your Goal Has Been Achieved)

लोग एक निश्चित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निवेश करते हैं। अगर आपका लक्ष्य पूरा हो गया है, और आपको लगता है कि आपको और निवेश करने की जरूरत नहीं है। उदाहरण के लिए, कुछ लोग अपने बच्चे की शिक्षा या सेवानिवृत्ति के लिए एक फंड में निवेश करना चुनते हैं।

जब आपके निवेश का उद्देश्य पूरा हो जाता है तो फंड को redeem करके धन बेचा जा सकता है। यह अधिकांश निवेशकों का सामान्य निवेश परिप्रेक्ष्य है और यह म्यूचुअल फंड को बेचने का एक उपयुक्त कारण भी है।

पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने के समय (At the time of re-balancing the portfolio)

आपका एसेट एलोकेशन कुछ समय के लिए असंतुलित हो गया है। तो साल में एक बार, आपके द्वारा निवेश किए गए फंड की जांच करना एक अच्छी प्रेक्टिस या आदत है।

आपको अपनी पसंद के पोर्टफोलियो को बनाए रखने के लिए उन फंड के बारे में पता लगाना चाहिए जिन्हें आपको अपने पोर्टफोलियो से हटने की जरूरत है और जिन्हें आपको जोड़ने की जरूरत है।

टैक्स ब्रेक का लाभ (Tax Break Benefit)

पूंजी हानि करने वाले फंड को शेष निवेश के लिए पूंजीगत लाभ को ऑफसेट करने के लिए बेचा जा सकता है।

म्युचुअल फंडों को रिडीम करके, निवेशक पूंजीगत हानि को पूंजीगत लाभ पर लागू करने और टैक्स ब्रेक का आनंद लेने में सक्षम हो सकता है इसीलिए इस बिंदु पर जरूर से ध्यान देवे।

आपात की स्थिति में (In case of emergency)

आपात स्थिति अनिश्चित हैं ऐसी आपात स्थिति के समय म्युचुअल फंड निवेश आपके लिए एक तारणहार हो सकते है।

मान लीजिए कि आप वित्तीय असमानता के दौर से गुजर रहे हैं। ओपन-एंडेड फंड आपको किसी भी समय अपने निवेश को रिडीम/निकालने की अनुमति देते है और ये मुश्किल के दौर में आपके लिए बहुत मददगार हो सकते है। आपातकाल के समय म्यूचुअल फंड को बेचने के लिए आप बाजार की मौजूदा स्थितियों को अनदेखा ही करेंगे।

बाजार परिदृश्य (Market Scenario)

म्युचुअल फंड के लिए बाजार को समय देना जरूरी नहीं हो सकता है। शेयरों के विपरीत, म्यूचुअल फंड का उद्देश्य निवेशक को एक निश्चित मात्रा में लाभ प्रदान करना और विविधीकरण के माध्यम से जोखिम को कम करना है। लेकिन कभी-कभी, कुछ फंडों को बेचने की बात आने पर बाजार का परिदृश्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उदाहरण के लिए: गोल्ड फंड के बारे में बात करे तो। विमुद्रीकरण (नवंबर 2016) ने सोने की कीमतों में अचानक बदलाव लाया था जिसने ईटीएफ को भी प्रभावित किया था। म्युचुअल फंड में हर सेकेंड बाजार का अनुसरण करना महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन निवेशक को समझदारी से निवेश करने के लिए बाजार की स्थितियों के बारे में पता होना चाहिए, जिससे से वह बाजार परिदृश्य के हिसाब से सही निर्णय ले सके।

आप पढ़ रहे है – 11 reason to sell mutual fund investment in Hindi

बाजार ओवरवैल्यूड या अंडरवैल्यूड (Markets Overvalued or Undervalued)

बाजार के पूर्वानुमान से म्यूचुअल फंड में अचानक उछाल या गिरावट आ सकती है। 90 के दशक के अंत में बाजार के बारे में सोचें, जब इंटरनेट दिग्गजों ने शासन किया और सभी ने उनमें निवेश करना चुना।

एक समय था जब रियल एस्टेट निवेश ही वह सब कुछ था जिसके बारे में एक निवेशक सोच सकता था। ऐसा ही कुछ सोने के मामले में भी देखा गया, सोने की कीमत में भी अचानक वृद्धि देखी गई, जिससे इसके निवेश मूल्य में वृद्धि हुई।

आप इसकी ताकत हो देख सकते है। इसी के कारण उद्योग या कंपनी कुछ समय के लिए शेयरों बाजार पर राज कर सकती है। इस आर्टिकल में आप देख रहे है – 11 reason to sell mutual fund investment in Hindi

निवेश प्राथमिकताएं में बदलाव (Changes in Investment Preferences)

मान लीजिए कि आपने लार्ज-कैप फंडों में निवेश किया है। आपको अच्छा तो मिला है लेकिन आश्चर्यजनक रिटर्न नहीं मिला है और अब, आप एक ऐसे फंड में निवेश करना चाहते हैं जो आपको उच्च प्रतिशत रिटर्न प्रदान करे।

यदि आप एक साथ इतने सारे म्यूच्यूअल फंड स्कीम में निवेश करना नही चाहते हैं, तो आप पहले अपने मौजूदा निवेश को redeem करके बेचेंगे और फिर अपनी नई निवेश प्राथमिकताओं के हिसाब से दुसरे वित्तीय उत्पादों को अपने पोर्टफोलियो में जगह देंगे। हालाँकि, आपको अपने निवेश के बारे में सुनिश्चित होना चाहिए और जब भी आप इस तरह के वित्तीय निर्णय लेना चाहते हैं तो किसी पेशेवर से सलाह लें।

आज हमने देखा कि कब आपको अपने म्यूच्यूअल फंड निवेश को बेचने के बारें में सोचना चाहिए (11 reason to sell mutual fund investment in Hindi), आगे हम म्यूच्यूअल फंड के और भी रोचक टॉपिक आपके लिए लाते रहेंगे । आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमे बताएं। हमे आपके सुझाव एवं कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। बने रहिये अपनीबचत।

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