Money Transfer Kaise Secure Kare, Secure Money Transfer

by team apneebachat
Money Transfer kaise Secure kare

Money Transfer कैसे Secure करे?

Money Transfer Kaise Secure Kare, Secure Money Transfer – Debit डेबिट और Credit क्रेडिट Card कार्ड की तरह ही UPI ID (यूपीआई आईडी) की भी देखभाल करनी पड़ती है। एक छोटी-सी चूक किसी पर भी भारी पड़ सकती है।

Digital Payment (डिजिटल पेमेंट) से पैसों का लेन-देन काफ़ी आसान हुआ है। किसी को पैसा भेजने के लिए न तो बैंक खाते की ज़रूरत पड़ती है और न ही IFSC Code (आईएफएससी कोड) की।

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बस यूपीआई यानी Unified Payment Interface (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) डालते ही चंद मिनटों में पैसा एक खाते से दूसरे खाते में पहुंच जाता है। हमारा बैंक खाता सिर्फ़ हम तक सीमित है, इससे बेहतर सुरक्षा और क्या हो सकती है। पर धोखाधड़ी यहां भी हो सकती है।

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कै्से होती है धोखाधड़ी

हैकिंग के ज़रिए हो सकती है या आपका पासवर्ड चुराकर भी। आपसे फोन पर बात करते हुए भी जालसाज़ आपके पैसे उड़ा सकते हैं। यूपीआई एप्स में यूपीआई आईडी, बैंक खाता या पंजीकृत मोबाइल नंबर के ज़रिए राशि का भुगतान किया जा सकता है। राशि भेजने के लिए पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है जिसे स्वीकारने के बाद ही पैसों का लेन-देन होता है। जालसाज़ पॉप-अप मैसेज के ज़रिए राशि अपने खाते में डाल लेते हैं।

इसे एक किस्से से समझते हैं।

प्रिया ने अॉनलाइन बाज़ार में अलमारी 28 हज़ार में बेची थी। ख़रीदार उससे फोन पर अलमारी की जानकारी ले रहा था। प्रिया के फोन नंबर के ज़रिए ख़रीदार ने उसे भुगतान राशि की रिक्वेस्ट भेजी ताकि वह सामान की आधी राशि का भुगतान पहले कर सके। प्रिया ने जब मैसेज देखा तो उसके फोन पर एक पॉप-अप मैसेज था। ये रिक्वेस्ट प्रिया के खाते से उस ख़रीदार के खाते में राशि भेजने के लिए थी। उसने समझदारी दिखाते हुए रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की। यदि स्वीकार कर लेती तो उसके खाते से 14 हज़ार रुपए चले जाते।

सही app (एप) इस्तेमाल करें

प्ले स्टोर में कई तरह की यूपीआई एप्स मौजूद हैं। ऐसे में सिर्फ़ वेरिफाईड एप्स ही डाउनलोड करें। कोई भी एप डाउनलोड करने से पहले उसकी जानकारी देख लें। वहीं इसे इस्तेमाल करने से पहले पूरी जानकारी इकट्ठी करें। इन एप्स में ऐसे कई विकल्प भी होंगे जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे, इन्हें भी समझिए। इसके अलावा अपना पिन किसी के साथ साझा न करें।

Transfer Request (ट्रांसफर रिक्वेस्ट) पर नज़र रखें

अगर यूपीआई के ज़रिए लेन-देन कर रहे हैं तो रिक्वेस्ट पर ध्यान दें। अच्छी तरह से देखें कि भुगतान करने की ही रिक्वेस्ट है या नहीं। जालसाज़ रिक्वेस्ट भेजकर उसे स्वीकार करने की जल्दबाज़ी भी कर सकता है। ये भी ध्यान रखें कि किसी को पैसे भेजने पर ही यूपीआई पिन का इस्तेमाल होता है। यदि आपको कहीं से पैसे मिल रहे हैं और आपसे यूपीआई पिन मांगा जा रहा है तो समझ लीजिए कि कोई जालसाज़़ है। ये नियम याद रखें कि ‘यूपीआई के ज़रिए पैसे भेजने वाले व्यक्ति को पिन डालना होता है और जो पैसे स्वीकार कर रहा है उसे रिक्वेस्ट स्वीकार करनी होती है।’ कुछ यूपीआई एप्स स्पैम रिक्वेस्ट पर चेतावनी देती हैं। यदि अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट आती है तो आप उसे ब्लॉक या उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। ये विकल्प जारी यानी कंटिन्यूविकल्प के साथ मौजूद होते हैं।

लिंक न खोलें

वॉट्सएप या फोन के इनबॉक्स में आए किसी भी अनजान लिंक पर यकि आप क्लिक करते हैं तो आपके फोन में कोई फर्जी एप डाउनलोड हो ्सकती है जिसकी मिि ्से जालसाज़ नया यूपीआई बनाकर पिन बदल ्सकता है।

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समस्या social Media पर share न करे

अमूमन लोग सेवा से संबंधित परेशानियों की शिकायत सोशल मीडिया पर करते हैं। पर यूपीआई के संबंधित या पैसों के लेन-देन में परेशानी है तो सीधे कंपनी में शिकायत करें। कई मामलों में जालसाज़़ कंपनी के नाम पर लोगों की परेशानी सुलझाने के लिए फोन करते हैं और सारी जानकारी इकट्ठी कर लेते हैं। इंटरनेट के बजाय कंपनी या बैंक की वेबसाइट पर ही फोन करें। }

कंपनी में शिकायत करें।

आपको NEFT/RTGS issues के लिए अपनी bank branch (बैंक शाखा) से शिकायत करनी होगी। यदि इसे उचित समय में हल नहीं किया जाता है, तो मामला बैंक के प्रधान कार्यालय में customer grievances cell (ग्राहक शिकायत सेल) में भेजा जा सकता है। अगर 30 दिन में आपको कोई संतुष्टात्मक उत्तर grievance cell से नही मिलता, तो फिर आप RBI द्वारा नियुक्त banking Ombudsman (बैंक लोकपाल) से इसकी शिकायत कर सकते है| ये शिकायत आप RBI की website के माध्यम से भी कर सकते है

सभी scheduled commercial banks, regional rural banks and scheduled primary cooperative banks योजना के अंतर्गत आते हैं। अब तक, 15 ombudsmen (लोकपाल) हैं, जिनके कार्यालय ज्यादातर राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं। उनके पते और संपर्क विवरण आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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